विमान हादसे के एक साल बाद खुलासा, 15 परिवारों ने क्यों ठुकराया सामान?
अहमदाबाद:अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के भीषण हादसे को आज पूरा एक साल बीत चुका है। ठीक एक साल पहले, 12 जून 2025 को टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद हुए इस विमान क्रैश ने देश-दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। इस दर्दनाक हादसे की पहली बरसी पर एयर इंडिया ने एक भावुक कर देने वाला अपडेट साझा किया है। एयरलाइन के मुताबिक, दुर्घटना में जान गंवाने वाले 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स में से 15 परिवारों ने अपने प्रियजनों का सामान वापस लेने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने बताया कि 96 प्रतिशत प्रभावित परिवारों को 25 लाख रुपये की अंतरिम वित्तीय सहायता पहुंचाई जा चुकी है।
22 हजार वस्तुओं में से सिर्फ 8 हजार सामान की हो सकी पहचान
हादसे के बाद पीड़ितों के निजी सामान को सहेजने और उन्हें परिवारों तक पहुंचाने के लिए एयर इंडिया ने अहमदाबाद में एक विशेष 'फैमिली रिटर्न्स सेंटर' स्थापित किया था। मलबे से बरामद की गई 22,000 से अधिक वस्तुओं को बेहद सावधानी से अलग-अलग किया गया, जिनमें से कानूनी दावों के लिए लगभग 8,000 सामान की ही पहचान हो सकी। एयरलाइन ने पीड़ित परिवारों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल पोर्टल तैयार किया था, जहां सामान की तस्वीरें अपलोड की गई थीं ताकि वे घर बैठे अपने लोगों की चीजें पहचान सकें। कई परिवारों ने अपने अपनों के पासपोर्ट, घड़ियां, मोबाइल फोन और आभूषण तो वापस ले लिए, लेकिन कुछ परिवारों ने भारी मन से इन यादों से दूरी बना ली।
डिजिटल पोर्टल पर बिखरी यादों ने फिर हरे किए जख्म
सामान की पहचान करने की यह कानूनी प्रक्रिया पीड़ित परिवारों के लिए मानसिक रूप से बेहद दर्दनाक साबित हुई। इस हादसे में जान गंवाने वाले 24 वर्ष के युवा क्रिकेटर दिर्थ पटेल के भाई ने बताया कि उन्होंने कोई भी सामान वापस न लेने का फैसला किया है, क्योंकि वे अपनी मां को उस खौफनाक हादसे के सदमे और दर्द में दोबारा नहीं धकेलना चाहते। अहमदाबाद की महिला उद्यमी तृप्ति सोनी, जिन्होंने इस क्रैश में अपने भाई और दो भाभियों को खो दिया था, उन्होंने बताया कि पोर्टल पर बच्चों के जले हुए खिलौने, राखियां, प्रार्थना की पुस्तकें और क्षतिग्रस्त घड़ियां देखकर कई परिवारों के सब्र का बांध टूट गया। यही वजह रही कि 15 परिवारों ने भावनात्मक कारणों से सामान लेने से मना कर दिया।
पीड़ितों के लिए टाटा संस की ओर से 1 करोड़ की अतिरिक्त सहायता
एयर इंडिया द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुल 187 मृतकों से जुड़े सामानों में से अब तक 139 परिवारों को उनकी अमानत सुरक्षित सौंपी जा चुकी है। इसके अलावा, विमान गिरने के कारण जमीन पर घायल हुए 19 स्थानीय नागरिकों में से भी 94 प्रतिशत लोगों को मुआवजा या अंतरिम आर्थिक मदद दी जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि हादसे के बाद टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विशेष सहायता राशि देने का एलान किया था। एयरलाइन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संपर्क में हैं और अंतिम पूर्ण मुआवजे की कानूनी कागजी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने में जुटे हैं।
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