चंडीगढ़। पंजाब के अलग-अलग अंचलों में बीते 24 घंटों के दौरान चली तेज आंधी और झमाझम बारिश के कारण भीषण गर्मी से राहत मिली है। इस मौसमी बदलाव के चलते राज्य के औसत अधिकतम पारे में 3.8 डिग्री सेल्सियस की भारी कमी आई है। वीरवार की ढलती शाम को जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पठानकोट और मोहाली सहित अधिकांश मैदानी इलाकों में अंधड़ के बाद गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं। मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार के लिए भी राज्य के कई हिस्सों में तेज धूलभरी आंधी चलने और ओले गिरने की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आगामी 13 से 17 जून तक पूरे प्रदेश में मौसम का रुख इसी प्रकार का बना रह सकता है, जिससे आने वाले दिनों में तापमान में और ज्यादा गिरावट दर्ज की जाएगी।

तापमान गिरा फिर भी अबोहर में छूटे पसीने

इस ताजा मानसूनी हलचल के बाद पंजाब का अधिकतम तापमान सामान्य के मुकाबले 2.1 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया है। हालांकि, इस बड़ी राहत के बीच भी मालवा बेल्ट के कुछ चुनिंदा सीमावर्ती इलाकों में झुलसाने वाली लू का प्रकोप अब भी बरकरार है। पूरे सूबे में अबोहर सबसे तपा हुआ इलाका दर्ज किया गया, जहां भीषण उमस के बीच अधिकतम पारा 42 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर पहुंच गया। इसके विपरीत, बारिश के असर से न्यूनतम तापमान में भी 0.7 डिग्री की कमी आई है। इस दौरान पटियाला पंजाब का सबसे ठंडा शहर रिकॉर्ड किया गया, जहां रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 20.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।

लुधियाना और बठिंडा में सबसे ज्यादा बरसे बादल

मौसम केंद्र से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक नगरी लुधियाना में सबसे ज्यादा 16 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा बठिंडा में 15 मिलीमीटर, पटियाला में 14.14 मिलीमीटर, अमृतसर में 9.6 मिलीमीटर और मोहाली में 3.5 मिलीमीटर बारिश मापी गई। बठिंडा और उसके आसपास के गांवों में तेज बरसात के साथ ओलावृष्टि (ओले गिरना) भी हुई, जबकि सुनाम और जलालाबाद में तूफानी हवाओं के साथ जोरदार पानी बरसा। लुधियाना में सुबह के समय हुई बारिश के बाद दोपहर होते-होते आसमान पूरी तरह साफ हो गया और तेज धूप निकल आई, जिससे हवा में नमी बढ़ने के कारण लोगों को हल्की उमस का सामना भी करना पड़ा।

किसानों को सतर्क रहने की प्रशासनिक सलाह

अचानक आए इस अंधड़ और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें और मौसम के पूरी तरह साफ होने तक सिंचाई या कीटनाशकों के छिड़काव का काम टाल दें। इसके साथ ही मौसम विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि आंधी और कड़कती बिजली के दौरान वे सुरक्षित पक्के मकानों के भीतर ही रहें और बड़े पेड़ों या ढीले बिजली के तारों के नीचे खड़े होने से बचें ताकि किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान से बचा जा सके।