प्रिंस यादव को नम आंखों से अंतिम विदाई, CBI जांच की मांग हुई तेज
सहरसा। पड़ोसी देश नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदेहास्पद हालातों में जान गंवाने वाले प्रिंस यादव का मंगलवार देर रात उनके पैतृक गांव धमसेना में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दुखद घड़ी में शामिल होने के लिए पटना से जमानत पर रिहा हुए ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के संचालक रोशन आनंद सीधे अपने गांव पहुंचे। अपने भाई को अंतिम विदाई देने के बाद उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय और सीबीआई (CBI) जांच कराने की पुरजोर मांग की है।
सौरबाजार थाना इलाके की सहुरिया पश्चिमी पंचायत के अंतर्गत आने वाले धमसेना गांव के रहने वाले 28 वर्षीय प्रिंस यादव का पार्थिव शरीर नेपाल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां लाया गया था। रात के करीब सवा दस बजे गांव के पूर्व दिशा में स्थित उनकी पैतृक भूमि पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
रोशन आनंद की रिहाई और समर्थकों का हुजूम
जमानत की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रोशन आनंद मंगलवार की शाम करीब साढ़े सात बजे अपने शुभचिंतकों और विद्यार्थियों के साथ पैतृक आवास पर पहुंचे। उनके आते ही सांत्वना देने वाले ग्रामीणों, छात्रों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इससे पहले दिनभर कई राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, जिनमें सहरसा विधायक आई.पी. गुप्ता, पूर्व विधायक आलोक रंजन, महिषी विधायक गौतम कृष्ण, राजद नेता रंजीत यादव और जिला परिषद प्रतिनिधि अमर यादव सहित कई शिक्षक और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
सीबीआई जांच की मांग और संघर्ष का संकल्प
अपने भाई के अंतिम दर्शन करने के बाद रोशन आनंद ने भावुक होकर उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार को साजिश के तहत प्रताड़ित किया जा रहा है और इस मौत के पीछे की सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है। निष्पक्ष न्याय के लिए मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस लड़ाई को आखिरी दम तक लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि युवाओं और छात्रों के भविष्य के लिए उनका शैक्षणिक कार्य हमेशा की तरह आगे भी जारी रहेगा।
विवाद की पृष्ठभूमि और नेपाल में हादसा
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, पटना के ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर और प्रसिद्ध शिक्षक खान सर के बीच पोस्टर हटाने को लेकर उपजा मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प और गोलीबारी तक पहुंच गया था। इसी मामले की तफ्तीश के दौरान पटना पुलिस ने रोशन आनंद को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था, जबकि इस केस में प्रिंस यादव का नाम भी घसीटा गया था। पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी के डर से प्रिंस अपने कुछ करीबियों के साथ नेपाल चले गए थे, जहां एक होटल के कमरे में उनका शव बरामद हुआ। चूंकि पिता की तबीयत काफी खराब थी, इसलिए प्रिंस के चचेरे दादा उपेंद्र यादव ने उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी।
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