'मेरी भी प्रधानमंत्री से...' संजय राउत के बयान से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पार्टी के सांसदों के पाला बदलने की तमाम अफवाहों और अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संगठन के भीतर किसी भी प्रकार की आंतरिक कलह या संकट जैसी स्थिति नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में चुनौती देते हुए कहा कि यदि भविष्य में कोई वैचारिक या राजनैतिक संकट खड़ा भी होता है, तो हमारी लीडरशिप उससे पूरी मजबूती से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। उद्धव गुट के सांसदों द्वारा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे के मंत्रियों से मुलाकात किए जाने के विषय पर भी उन्होंने बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास कार्यों या प्रशासनिक काम के सिलसिले में किसी मंत्री से भेंट करता है, तो इसे सियासी चश्मे से देखना पूरी तरह गलत है। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार सरकारी और विधायी कामकाज के सिलसिले में स्वयं उनकी भी प्रधानमंत्री से मुलाकातें होती रही हैं।
पार्टी को है संघर्ष का लंबा और पुराना अनुभव
राउत ने संगठन के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि शिवसेना ने अपने सफर में पहले भी कई तरह के बिखराव और बड़े अलगाव देखे हैं, लेकिन हर झटके के बाद हमारी पार्टी पहले से ज्यादा मजबूत होकर दोबारा उठ खड़ी हुई है। उन्होंने विरोधियों को याद दिलाया कि उनके संगठन के पास विपरीत परिस्थितियों से लड़ने और कड़ा संघर्ष करने का दशकों पुराना जमीनी अनुभव है। शिवसेना कोई नई नवेली संस्था नहीं है, बल्कि यह करीब 60 साल पुराना एक मजबूत बरगद का पेड़ है, जिसकी जड़ें जनता के बीच बेहद गहरी हैं।
लोग आते-जाते रहते हैं, कार्यकर्ताओं से है संगठन
प्रवक्ता ने दलबदलुओं पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के लालच में लोग आते हैं और चले जाते हैं, इससे संगठन के मूल वजूद पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने साफ किया कि उनकी शिवसेना महज कुछ सांसदों, कॉर्पोरेटर्स या विधायकों के संख्याबल पर टिकी हुई पार्टी नहीं है, बल्कि यह देश और राज्य के कोने-कोने में फैले लाखों वफादार और निष्ठावान कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से सींची गई एक मजबूत फौज है। जब तक जमीनी कार्यकर्ता साथ हैं, तब तक पार्टी का बाल भी बांका नहीं हो सकता।
विपक्ष की अफवाहों को किया पूरी तरह खारिज
राजनैतिक गलियारों में फैलाई जा रही टूट की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने इसे विरोधी खेमे का एक हताश प्रोपेगैंडा करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष जानबूझकर भ्रामक खबरें फैलाकर पार्टी के भीतर अविश्वास का माहौल पैदा करने की नाकाम कोशिश कर रहा है। शिवसेना (यूबीटी) पूरी तरह एकजुट है और आगामी चुनावों में अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरकर विरोधियों को करारा जवाब देने के लिए तैयार है।
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