शिवसेना UBT में हलचल, इमरजेंसी बैठक में बागियों की संख्या पर होगी तस्वीर साफ
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है, जहां उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के बगावती रुख अख्तियार करने की खबरें सामने आ रही हैं। इस अचानक पैदा हुए सियासी संकट के बाद पार्टी आलाकमान पूरी तरह डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। स्थिति को संभालने और बागी रुख अपनाने वाले सांसदों की वास्तविक संख्या का पता लगाने के लिए नेतृत्व ने एक सख्त तीन लाइन का व्हिप जारी किया है और सभी सांसदों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस बैठक में उपस्थित होने और न आने वाले सांसदों के आधार पर ही यह तय होगा कि जमीनी स्तर पर पार्टी को कितना बड़ा झटका लगा है।
बैठक से नदारद रहने वाले सांसदों की सदस्यता पर खतरा
पार्टी के भीतर मचे इस घमासान के बीच वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली स्थित संसद भवन के कार्यालय में सुबह 11:00 बजे एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया है। नेतृत्व ने दोटूक लहजे में चेतावनी दी है कि वे बैठक में कुछ समय तक ही सांसदों की प्रतीक्षा करेंगे और इसके बाद अनुपस्थित रहने वालों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यदि संसदीय बोर्ड की इस बैठक में संशय के दायरे में चल रहे 6 सांसद शामिल नहीं होते हैं, तो दल-बदल कानून के तहत उनकी संसद सदस्यता को अमान्य और अपात्र घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी।
महायुति पर सांसदों के अपहरण और लोकतंत्र से खिलवाड़ का आरोप
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख रणनीतिकारों ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों द्वारा शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को जबरन डरा-धमकाकर या प्रलोभन देकर हाईजैक करने का प्रयास किया जा रहा है। नेताओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र, देश के नियम-कायदों और संविधान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है, जहां दिन-रात मेहनत करके जीत दर्ज करने वाले जनप्रतिनिधियों को किडनैप किया जा रहा है। इसी सिलसिले में उन्होंने प्रधानमंत्री के विदेश दौरों का जिक्र करते हुए उन पर भी तंज कसा कि उन्हें देश के भीतर चल रही इस अस्थिरता पर ध्यान देना चाहिए।
बाला साहेब के नाम और असली शिवसेना की दुहाई
पार्टी के शीर्ष प्रवक्ताओं ने दावा किया है कि उन्हें पूरी तरह से जानकारी है कि कौन से सांसद दिल्ली पहुंचे हैं और कौन से गायब हैं। विरोधियों को ललकारते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी को विभाजित करने का सपना देख रहे हैं, वे कभी कामयाब नहीं होंगे क्योंकि संगठन की नींव बाला साहेब ठाकरे के विचारों पर टिकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां बाला साहेब का नाम और विचार हैं, वहीं वास्तविक शिवसेना अस्तित्व में है और किसी अन्य धड़े के पास खुद को असली साबित करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, चाहे वे कितना भी प्रयास क्यों न कर लें।
राशिफल 24 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी आर्थिक संबल
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने