चंडीगढ़। पंजाब और ट्राईसिटी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 21 जून को और अधिक असरदार होने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक, इस मौसमी बदलाव के चलते राज्य के 18 जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। मौसम केंद्र ने पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली सहित करीब डेढ़ दर्जन जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। इससे पहले वीरवार को शुष्क मौसम के कारण बठिंडा 42.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा था, लेकिन अब आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट होने से लोगों को भीषण तपिश से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

तेज आंधी-तूफान से राइस मिलों और सबस्टेशन को भारी नुकसान

मंडी गोबिंदगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में बीते दिन आई भीषण आंधी और अचानक हुई बारिश ने भारी तबाही मचाई है। गांव डडहेड़ी और कोटला डडहेड़ी मार्ग पर स्थित बाला जी, हसीजा और शिव शंकर राइस मिलों के बड़े-बड़े शेड हवा में उड़ गए और मिलों की कई दीवारें मलबे में तब्दील हो गईं। प्रभावित मिल मालिकों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से उन्हें लाखों रुपये का वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा है। इसके अतिरिक्त, मुगल माजरा के पास स्थित एक 66 केवी बिजली सबस्टेशन का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढहकर रिहायशी इलाके पर गिर गया। इस घटना में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, हालांकि गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।

पंजाब में जून महीने की मानसूनी बारिश का लेखा-जोखा

मौसम विज्ञान केंद्र के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 12 जून से 18 जून के बीच कुल 16.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो कि इस समयावधि की सामान्य वर्षा (12.9 मिमी) के मुकाबले करीब 28 फीसदी ज्यादा है। इसके विपरीत, अगर पूरे महीने यानी 1 जून से 18 जून तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो राज्य में अब तक 20.9 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड हो सकी है। यह आंकड़ा इस अवधि की सामान्य वर्षा (24.3 मिमी) से लगभग 14 प्रतिशत कम है, जिससे शुरुआती दौर में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी आंकी जा रही है।

चंडीगढ़ वासियों को 21 जून से मिलेगी उमस और गर्मी से राहत

लंबे समय से चिलचिलाती धूप और उमस झेल रहे चंडीगढ़ के नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। स्थानीय मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 21 जून से शहर के मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आसमान में घने बादलों की आवाजाही बढ़ने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। वीरवार को शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री ऊपर यानी 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जिसके 22 और 23 जून को घटकर 36 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आने की उम्मीद है। पंजाब और हरियाणा के पड़ोसी इलाकों में पिछले 24 घंटों में हुई हल्की वर्षा का असर अब चंडीगढ़ के वातावरण में भी ठंडक के रूप में घुलने लगा है।