गोल्ड-सिल्वर हुआ सस्ता! दिल्ली, मुंबई समेत प्रमुख शहरों में क्या है आज का भाव?
नई दिल्ली। भारतीय सर्राफा बाजार में शनिवार को बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में आंशिक मंदी का रुख देखने को मिल रहा है। बाजार से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, आज घरेलू सर्राफा बाजार में 24 कैरेट वाले शुद्ध सोने की कीमत लगभग 1,46,480 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बनी हुई है, जबकि औद्योगिक मांग कमजोर होने से चांदी का भाव करीब 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके अतिरिक्त, आभूषण निर्माताओं द्वारा पसंद किए जाने वाले 22 कैरेट सोने की दर आज 1,39,500 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोने का मूल्य 1,12,270 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है।
महानगरों और प्रमुख शहरों में धातुओं के नवीनतम दाम
देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय टैक्स और चुंगी के कारण सोने-चांदी की कीमतों में भिन्नता देखी जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और गाजियाबाद में आज 24 कैरेट सोना 1,46,480 रुपये तथा 22 कैरेट सोना 1,39,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में इन दोनों श्रेणियों के दाम समान बने हुए हैं, जहां 24 कैरेट के लिए 1,49,500 रुपये और 22 कैरेट के लिए 1,37,040 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्र चेन्नई में सोने की कीमतें सबसे उच्च स्तर पर हैं, जहां 24 कैरेट का भाव 1,52,170 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,39,490 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है।
घरेलू बाजारों में चांदी की शहरवार स्थिति
सफेद धातु यानी चांदी की कीमतों में भी भौगोलिक स्थिति के आधार पर उतार-चढ़ाव बना हुआ है और देश भर में इसका व्यापक दायरा 2,49,900 रुपये से लेकर 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम के मध्य देखा जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर और गाजियाबाद के बाजारों में चांदी आज 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर स्थिर है, जबकि मुंबई और कोलकाता जैसे तटीय व्यापारिक केंद्रों में इसकी कीमत थोड़ी कम यानी 2,49,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है। इस बीच, चेन्नई के बाजारों में चांदी की मांग सबसे तेज होने के कारण वहां की कीमत अन्य शहरों की तुलना में काफी ऊपर 2,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर चल रही है।
वैश्विक मंदी और अमेरिकी आर्थिक नीतियों का असर
कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर और घरेलू वायदा बाजार (एमसीएक्स) पर कीमती धातुओं में आ रही इस निरंतर गिरावट के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व (यूएस फेड) के कड़े मौद्रिक रुख को मुख्य कारण माना जा रहा है। फेडरल रिजर्व ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए आगामी समय में ब्याज दरों में और वृद्धि करने के संकेत दिए हैं, जिससे निवेशक सोने जैसी बिना ब्याज वाली सुरक्षित संपत्तियों के बजाय सरकारी बॉन्ड्स में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से अन्य देशों की मुद्राओं के लिए सोना खरीदना महंगा हो गया है, जिससे इसकी वैश्विक मांग प्रभावित हुई है। साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया शांति समझौते ने भू-राजनीतिक तनाव को कम किया है, जिसके चलते निवेशकों ने सुरक्षित माने जाने वाले सोने से दूरी बनाकर दोबारा शेयर बाजार का रुख करना शुरू कर दिया है।
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