रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के कदम आगे बढ़ाने के लिए मौसमी परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, सूबे के ज्यादातर इलाकों में आगामी कुछ दिनों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने और आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही झोंकेेदार हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने इसे लेकर 27 जून तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। दरअसल, वर्तमान में पंजाब से लेकर बिहार तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है, जबकि झारखंड से होकर तटीय आंध्र प्रदेश तक एक अन्य ट्रफ भी गुजर रही है। इन दोनों प्रणालियों के असर से राज्य के वायुमंडल में लगातार नमी आ रही है, जिससे 23 जून के आस-पास मॉनसून के झारखंड, बिहार और ओडिशा के कुछ और नए क्षेत्रों में प्रवेश करने की उम्मीद है।

तापमान में उतार-चढ़ाव और बादलों की आवाजाही का अनुमान

मौसम केंद्र के मुताबिक, 25 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ फुहारें गिरने का सिलसिला जारी रहेगा। इस मौसमी बदलाव के कारण 22 और 23 जून के दौरान सूबे के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, इसके बाद के दिनों में पारे में दोबारा दो से तीन डिग्री की आंशिक बढ़ोतरी होने की संभावना भी जताई गई है।

गुमला के चैनपुर में दर्ज की गई सबसे भीषण वर्षा

बीते 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई अंचलों में हल्की से मध्यम दर्जे की मानसूनी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सबसे ज्यादा बारिश गुमला जिले के चैनपुर इलाके में हुई, जहां 40.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा प्रांतीय राजधानी रांची में 35.6 मिलीमीटर, बोकारो में 35.5 मिलीमीटर और नामकुम के ग्रामीण क्षेत्रों में 23.5 मिलीमीटर पानी बरसा, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया है।

तेज अंधड़ और आकाशीय बिजली को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने 22 जून को विशेष रूप से दक्षिणी भाग यानी कोल्हान प्रमंडल और उससे सटे मध्य जिलों (रांची व आस-पास के क्षेत्र) में तेज हवाओं के साथ वज्रपात (बिजली गिरने) की गंभीर चेतावनी दी है। इसके बाद, 23 से 27 जून के दौरान पूरे राज्य में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने तथा बिजली कड़कने की आशंका है, जिसको देखते हुए नागरिकों को खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।