गंगा में नहाते समय दर्दनाक हादसा, पांच बच्चियां बहाव में बहीं; एक की मौत, तलाश जारी
मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले के श्यामपुर गंगा घाट से एक बेहद ही हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ बुधवार को गंगा नदी में स्नान करने गईं पांच बच्चियां अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गईं। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और घाट पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। देर शाम तक चले सर्च ऑपरेशन में एक बच्ची का शव पानी से बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अन्य लापता बच्चियों की खोजबीन लगातार की जा रही है।
तेज धारा में बह गईं सगी बहनें और सहेली
प्राप्त विवरण के अनुसार, वासुदेवपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले क्रांति पासवान की चार बेटियां—संगीता कुमारी, विनीता कुमारी, संध्या कुमारी और सोनाली कुमारी, अपनी सहेली हीना कुमारी (पुत्री चानो पासवान) के साथ श्यामपुर गंगा घाट पर नहाने गई थीं। नदी में उतरने के बाद बच्चियों को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा और वे अचानक तेज धारा में समा गईं। घाट पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते सभी बच्चियां आंखों से ओझल हो गईं। इसके तुरंत बाद ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी।
NDRF और SDRF की टीमें मुस्तैद, युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वासुदेवपुर थाना पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँची। जिलाधिकारी के विशेष निर्देश पर एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय जिला गोताखोरों की विशेषज्ञ टीमों को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए उतारा गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि काफी मशक्कत के बाद देर शाम एक बच्ची का शव बरामद कर लिया गया है, जिसे आवश्यक प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। बाकी चार बच्चियों को सुरक्षित ढूंढ निकालने के लिए नदी के अलग-अलग हिस्सों में सर्च लाइट की मदद से रात में भी अभियान चलाया जा रहा है।
गांवों में पसरा सन्नाटा, किनारे पर टकटकी लगाए बैठे हैं परिजन
इस भयानक त्रासदी के बाद श्यामपुर और पीड़ित परिवारों के पैतृक गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है और चूल्हे तक नहीं जले हैं। बदहवास परिजन और ग्रामीण अभी भी इस उम्मीद में गंगा घाट पर डटे हुए हैं कि शायद उनकी बच्चियों का कोई सुराग मिल जाए। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी लापता बच्चियों को तलाश नहीं लिया जाता, तब तक यह राहत और बचाव अभियान पूरी क्षमता के साथ लगातार जारी रहेगा।
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