8वें वेतन आयोग में सिर्फ फिटमेंट फैक्टर नहीं, इन फैसलों से भी तय होगी सैलरी
नई दिल्ली। देश भर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी आगामी 8वें वेतन आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों के बीच फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ता (DA) और मकान किराया भत्ता (HRA) जैसे अहम मुद्दों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच, कर्मचारियों के वेतन ढांचे को लेकर एक ठोस और व्यावहारिक निर्णय पर पहुंचने के लिए वेतन आयोग देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित कर रहा है। इसी सिलसिले में वर्तमान में ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोग की महत्वपूर्ण बैठक चल रही है, जिसके तुरंत बाद आगामी 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में भी उच्च स्तरीय मंथन किया जाएगा। इन क्षेत्रीय बैठकों का मुख्य उद्देश्य सभी पक्षों के जमीनी पहलुओं को समझना है, ताकि अगले 10 वर्षों के लिए कर्मचारियों के वेतन में एक सम्मानजनक वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
विभिन्न शहरों में कर्मचारी संगठनों के साथ आयोग का संवाद
वेतन आयोग अपनी फाइनल रिपोर्ट तैयार करने से पहले देश के अलग-अलग नीतिगत केंद्रों और बड़े शहरों में दौरों का सिलसिला जारी रखे हुए है। नई दिल्ली और लखनऊ के बाद अब भुवनेश्वर में हो रही इन बैठकों में विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठन और एसोसिएशन आयोग के समक्ष अपनी मांगों का पुलिंदा रख रहे हैं। कर्मचारी प्रतिनिधि अपनी वित्तीय चिंताओं, महंगाई के अनुपात में वेतन विसंगतियों और अन्य भत्तों में सुधार को लेकर विस्तृत सुझाव दे रहे हैं। आयोग इन तमाम मांगों और प्रस्तुतियों का बारीकी से अध्ययन कर रहा है, जिसके आधार पर ही आने वाले समय में अंतिम सिफारिशों का मसौदा तैयार किया जाएगा।
वेतन वृद्धि का मुख्य आधार और फिटमेंट फैक्टर का गणित
केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन (बेसिक सैलरी) में सबसे बड़ा और व्यापक बदलाव फिटमेंट फैक्टर के निर्धारण से ही तय होता है। इतिहास पर नजर डालें तो छठे वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 निर्धारित था, जिसे सातवें वेतन आयोग के लागू होने पर बढ़ाकर 2.57 कर दिया गया था। इस बदलाव के कारण कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन सीधे ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गया था। अब कर्मचारियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 8वें वेतन आयोग में इस फैक्टर को कितना बढ़ाया जाएगा। हालांकि, इस संवेदनशील विषय पर अभी तक आयोग या केंद्र सरकार की ओर से कोई भी आधिकारिक घोषणा या संकेत नहीं दिया गया है।
सैलरी के निर्धारण में अन्य भत्तों और प्रोमोशन की भूमिका
कर्मचारियों को मिलने वाला कुल मासिक वेतन केवल फिटमेंट फैक्टर पर ही आधारित नहीं होता, बल्कि इसमें कई अन्य महत्वपूर्ण घटक भी शामिल होते हैं। कुल वेतन की गणना में हर छमाही पर बढ़ने वाला महंगाई भत्ता, शहर की श्रेणी के अनुसार मिलने वाला एचआरए, वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) और प्रोमोशन के बाद मिलने वाले वित्तीय लाभ भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने इस बार फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी के साथ-साथ मकान किराया भत्ता और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA) को न्यूनतम ₹9,000 तक करने की पुरजोर पैरवी की है। यदि आयोग इन अन्य भत्तों में भी सकारात्मक वृद्धि की सिफारिश करता है, तो कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में एक बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
छात्रों के समर्थन में बॉलीवुड, आर. माधवन और आलिया भट्ट समेत कई सितारों ने रखी अपनी बात
ICC का बड़ा ऐलान, अगले साल इस मैदान पर खेला जाएगा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल
बिहार में महिलाओं के लिए पहली बार राष्ट्रीय स्किल इंस्टीट्यूट, 19 ट्रेड में मिलेगी ट्रेनिंग
भारत ने श्रीलंका को नहीं दिया कोई मौका, यूथ टेस्ट सीरीज 211 रन की जीत के साथ समाप्त
NSA कार्रवाई पर ओवैसी ने सरकार को घेरा, कहा- क्या विरोध करना अब अपराध है?
सरकार का बड़ा दावा, CJP आंदोलन पर 24 घंटे में चार बार बातचीत की पेशकश
पेपर लीक मामले में कांग्रेस आक्रामक, मोदी सरकार पर जवाबदेही से भागने का आरोप
PM मोदी को पत्र लिखने के बाद बोले अन्ना हजारे, 'सिर्फ इस्तीफे से समाधान नहीं'
फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर अमित शाह का समर्थन, आंदोलन को लेकर विपक्ष को दी नसीहत