मेट्रो निर्माण से प्रभावित मार्गों की तत्काल करायें मरम्मत, आमजन की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: राज्यमंत्री गौर
भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा है कि भोपाल महानगर के विकास के लिए मेट्रो परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है, किंतु इसके निर्माण के दौरान नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा अथवा कष्ट का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सहित समस्त आवश्यक जनसुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जवाबदेही है। राज्यमंत्री गौर ने बुधवार को मंत्रालय में गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मेट्रो परियोजना के कारण क्षतिग्रस्त हुए प्रमुख मार्गों के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के संबंध में समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों के दल के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
राज्यमंत्री गौर ने डीआरएम से एम्स, आई.टी.आई. से रत्नागिरी तिराहे तथा डीआरएम रोड एवं अलकापुरी मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़कों पर निर्मित गड्ढों को अविलंब भरने तथा इस कार्य में शिथिलता अथवा लापरवाही बरतने वाले संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्गों की जर्जर स्थिति के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है और वर्षाकाल में जलभराव जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जिससे नागरिकों का दैनिक जीवन प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इन विसंगतियों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्णतः सुधारने के निर्देश दिए।
राज्यमंत्री गौर ने परियोजना के क्रियान्वयन में गति लाने के उद्देश्य से निर्देश दिए कि आई.टी.आई. से रत्नागिरी मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए वर्तमान अनुबंधित ठेकेदार के माध्यम से ही समस्त आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएं। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि भविष्य में सड़क निर्माण के विस्तृत प्राक्कलन (एस्टीमेट) तैयार करते समय सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित करें।
जनसुरक्षा को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए राज्यमंत्री गौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेट्रो निर्माण के दौरान अस्थाई रूप से हटाई गई स्ट्रीट लाइट्स को पुनः स्थापित किया जाए, ताकि रात्रि के समय नागरिकों का आवागमन पूर्णतः सुरक्षित हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सड़कों पर निर्मित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) को त्वरित चिन्हित कर वहां पुख्ता सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि ढांचागत विकास अपरिहार्य है, परंतु नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता उच्च स्तरीय होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
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