मानसून की रफ्तार तेज, हरियाणा-एनसीआर में बारिश का अलर्ट; जलवायु परिवर्तन का असर
हरियाणा। प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह से मेहरबान बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी दो से तीन दिनों तक राज्य में बारिश का यह दौर इसी तरह जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 11 जुलाई के बाद मानसून की रफ्तार में कुछ समय के लिए थोड़ी सुस्ती देखी जा सकती है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश और मौसम के पैटर्न में बदलाव
बीते एक दिन में पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कैथल, जींद, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, पलवल, मेवात, गुरुग्राम, रेवाड़ी, रोहतक और झज्जर सहित कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और हिसार के हांसी क्षेत्र में भी हल्की बौछारें पड़ी हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, वर्तमान में भारतीय मानसून के पारंपरिक स्वरूप में बड़ा बदलाव आ रहा है। वैश्विक जलवायु परिवर्तन और प्रशांत महासागर में अल नीनो की सक्रियता के चलते मानसूनी हवाओं का पुराना ढर्रा काफी हद तक प्रभावित हुआ है।
बंगाल की खाड़ी की प्रणालियों और कम दबाव के क्षेत्र का असर
मौसम प्रणालियों में आ रहे बदलावों के कारण बंगाल की खाड़ी से उठने वाले चक्रवाती सिस्टम अब पश्चिम दिशा की ओर रुख कर रहे हैं, जिसकी वजह से देश के कुछ राज्यों में अत्यधिक बारिश और कुछ इलाकों में सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। वर्तमान में दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़कर उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर प्रदेश के हिस्सों में सक्रिय हो गया है। इसी सिस्टम के असर से हरियाणा, दिल्ली और पूरे एनसीआर क्षेत्र में अगले दो से तीन दिनों तक बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
चरखी दादरी में सर्वाधिक बारिश और अंबाला के तापमान की स्थिति
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बुधवार को चरखी दादरी में सबसे ज्यादा 45.0 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई, जिसने स्थानीय स्तर पर मौसम को बेहद खुशनुमा बना दिया। वहीं अंबाला जिले में इस मानसूनी गतिविधि के चलते अधिकतम तापमान गिरकर 31.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। इस मानसूनी बारिश ने तापमान को नियंत्रित कर आम जनजीवन को राहत पहुंचाई है।
आगामी दिनों में उमस बढ़ने के आसार और मानसून की दोबारा वापसी
मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 जुलाई के बाद से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आनी शुरू हो जाएगी। इसके चलते अगले सप्ताह की शुरुआत में तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने के साथ-साथ हवा में नमी के कारण उमस का प्रभाव काफी बढ़ सकता है। हालांकि, यह राहत और उमस का दौर ज्यादा लंबा नहीं चलेगा क्योंकि 18-19 जुलाई के आस-पास मानसून की टर्फ लाइन एक बार फिर से सक्रिय होने की संभावना है, जिससे राज्य में दोबारा अच्छी बारिश का दौर शुरू होगा।
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