अहमदाबाद। गुजरात में आस्था के सबसे बड़े पर्व भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा शुरू होने में अब महज दो दिन का समय बचा है। इस ऐतिहासिक और संवेगात्मक उत्सव से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इसी मुस्तैदी के बीच गुजरात एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) ने सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल की है, जिससे संभावित खतरों को समय रहते टाला जा सके।

एटीएस की बड़ी कार्रवाई में पांच संदिग्ध हिरासत में

सुरक्षा को चाक-चौबंद करने में जुटी एटीएस की टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर सिद्धपुर इलाके में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। इस छापेमारी के दौरान टीम ने पांच संदिग्ध व्यक्तियों को अपनी हिरासत में लिया है। इन सभी संदेहास्पद लोगों को अज्ञात स्थान पर ले जाकर सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा बेहद गहनता से पूछताछ की जा रही है ताकि उनके मंसूबों का पता लगाया जा सके।

रथयात्रा को लेकर पूरे गुजरात में सुरक्षा घेरा सख्त

आगामी १६ जुलाई को अहमदाबाद के साथ-साथ भावनगर, वडोदरा, पाटन और राजकोट समेत गुजरात के कई छोटे-बड़े शहरों में भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक रथयात्राएं बेहद धूमधाम से निकाली जानी हैं। इन सभी शहरों में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है, जिसके मद्देनजर पूरे राज्य में सुरक्षा घेरे को अभेद्य बना दिया गया है और चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा रही है।

अहमदाबाद में सुरक्षा के किए गए विशेष इंतजाम

मुख्य रथयात्रा के केंद्र अहमदाबाद में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की जा रही है। संवेदनशील इलाकों और रथयात्रा के मुख्य मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है। एटीएस द्वारा संदिग्धों की इस धरपकड़ के बाद से संवेदनशील मार्गों पर चेकिंग अभियान को और ज्यादा तेज कर दिया गया है ताकि त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे।

शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन इस बेहद संवेदनशील और बड़े धार्मिक आयोजन को पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। संदिग्धों से मिल रहे इनपुट के आधार पर अन्य शहरों में भी संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या अफवाह फैलाने की कोशिश करने वालों से बेहद सख्ती से निपटा जाएगा।