मोदी की रैली में बदला प्रोटोकॉल, मंच पर सीमित रहेंगे मंत्री; वर्चुअल कनेक्शन से जुड़ेंगे जिले
जींद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी 17 जुलाई को होने वाली रैली को पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल (इको फ्रेंडली) बनाने के लिए बड़े पैमाने पर अनूठी पहल की जा रही है। प्रदूषण पर अंकुश लगाने और पेट्रोल-डीजल की खपत को सीमित करने के उद्देश्य से इस बार रैली स्थल पर भीड़ को काफी नियंत्रित रखा गया है। इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान मुख्य मंच पर प्रधानमंत्री के साथ हरियाणा सरकार के केवल दो कैबिनेट मंत्री ही मौजूद रहेंगे, जबकि मंत्रिमंडल के बाकी सदस्य और अन्य जिलों के लोग तकनीक के माध्यम से अपने-अपने मुख्यालयों से वर्चुअली इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।
भीड़ को सीमित रखने और ईंधन बचाने का अनूठा मॉडल
इस विशेष आयोजन को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सिर्फ 26 विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को ही रैली स्थल पर आमंत्रित किया गया है, जबकि शेष जिलों के नागरिकों के लिए जिला मुख्यालयों पर बड़ी स्क्रीन लगाकर सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई है। पश्चिम एशिया के संकट के चलते उपजे हालातों के बीच प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की अपील को अमलीजामा पहनाते हुए भाजपा ने कार्यकर्ताओं से पेट्रोल-डीजल वाहनों के बजाय साइकिल, पैदल या फिर साझा इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों से आने का आह्वान किया है। रैली स्थल पर सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा और समाज कल्याण मंत्री कृष्ण कुमार बेदी उपस्थित रहेंगे, जबकि अन्य सभी मंत्री अपने आवंटित जिलों में रहकर कार्यक्रम की कमान संभालेंगे।
वीआईपी डोम में हाई-टेक सुविधाएं और विशाल मंच तैयार
जींद में आयोजित होने वाली इस जनसभा के लिए एक विशाल और भव्य मुख्य मंच का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जिसकी चौड़ाई 36 फीट, लंबाई 96 फीट और ऊंचाई आठ फीट रखी गई है। पूरे रैली परिसर को वीआईपी, जनप्रतिनिधियों, मीडिया और आम जनता के लिए अलग-अलग गैलरियों में बांटा गया है, जहां लोगों की सहूलियत के लिए 22 बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। इसके अलावा, खास तौर पर तैयार किए गए वीआईपी क्षेत्र में लगभग 4000 लोगों के बैठने के लिए सोफे और भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए शक्तिशाली एयर कंडीशनर भी स्थापित किए गए हैं।
यातायात प्रबंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग हब
तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और प्रधान मुख्य सचिव राजेश खुल्लर ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देते हुए नए बस स्टैंड के पास अतिरिक्त पार्किंग स्थल विकसित करने की योजना बनाई है। पर्यावरण अनुकूल परिवहन को सुचारू बनाने के लिए जींद और गोहाना बस स्टैंड पर हाई-पावर ई-व्हीकल चार्जिंग हब स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर 250-250 केवी की दो हाई-पावर चार्जिंग यूनिट लगाई जाएंगी, ताकि बाहर से आने वाली पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों को चार्जिंग में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन उद्घाटन के लिए तैयार
इस ऐतिहासिक रैली का सबसे बड़ा आकर्षण देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन बनने जा रही है, जो नई दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे वर्कशॉप से सफलतापूर्वक तकनीकी परीक्षण पूरा करने के बाद जींद जंक्शन पहुंच चुकी है। आगामी 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अत्याधुनिक और पूरी तरह प्रदूषण मुक्त ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर देश को समर्पित करेंगे। इस खास अवसर के लिए ट्रेन को बेहद खूबसूरत और रंग-बिरंगे फूलों से सजाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और रेलवे के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में इसके सभी प्रणालियों का अंतिम राउंड का परीक्षण भी पूरा कर लिया गया है।
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