बाबा धाम में दर्शन व्यवस्था को लेकर पुरोहितों की मांग, पट खुलने और बंद होने का समय हो निश्चित
देवघर:विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के सफल और सुचारू संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। मेले की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासनिक अधिकारियों और पंडा धर्मरक्षिणी सभा तथा तीर्थपुरोहितों के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में आगामी मेले की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उपस्थित सभी पक्षों ने एक स्वर में इस बात पर बल दिया कि विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पट खुलने और बंद होने का एक निश्चित समय तय होना चाहिए, ताकि संपूर्ण मेला क्षेत्र की व्यवस्था को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
बाबा मंदिर के पट बंद होने का समय निर्धारित करने और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर
बैठक के दौरान पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश भारद्वाज ने पुरोहित समाज और श्रद्धालुओं की ओर से कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने रखे। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों और स्थानीय तीर्थ पुरोहितों को मेले के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को समय रहते पुख्ता कदम उठाने चाहिए। उन्होंने एक अहम सुझाव देते हुए कहा कि अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के कपाट बंद होने का समय रात आठ बजे सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, मंदिर परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर सुदृढ़ भीड़ प्रबंधन प्रणाली लागू करने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया गया।
श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और यजमानों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति की मांग
तीर्थपुरोहितों ने बैठक में सुरक्षा और सुगमता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देवघर आने वाले श्रद्धालुओं का अपने पारंपरिक पुरोहितों से संपर्क स्थापित करना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मेले के दौरान ऐसी सुव्यवस्थित यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे बाहर से आने वाले यजमान बिना किसी बाधा या परेशानी के सीधे अपने-अपने तीर्थ पुरोहितों के आवास तक सुरक्षित पहुंच सकें। इस व्यवस्था से न केवल श्रद्धालुओं को मानसिक शांति मिलेगी, बल्कि मेले के दौरान होने वाली अनियंत्रित भीड़ और अफरा-तफरी की स्थिति से भी काफी हद तक बचा जा सकेगा।
प्रशासन ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा, तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा विभाग
पंडा धर्मरक्षिणी सभा और तीर्थपुरोहितों के बहुमूल्य सुझावों को सुनने के बाद जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बाबाधाम आने वाले हर एक कांवरिए और श्रद्धालु की सुरक्षा एवं सुविधा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में मिले व्यावहारिक सुझावों को मेला प्रबंधन की कार्ययोजना में शामिल किया जा रहा है। स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और सुरक्षा जैसे मूलभूत विभागों को मुस्तैद कर दिया गया है ताकि इस वर्ष का श्रावणी मेला पूरे देश के लिए आदर्श और सुव्यवस्थित मेले के रूप में मिसाल पेश कर सके।
मगरमच्छ गंगाराम की अनोखी कहानी, जिसकी मौत पर पूरा गांव रो पड़ा
ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- दतिया उपचुनाव में BJP की होगी जीत, NEET मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
वायरल सेलिब्रेशन पर पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, आखिर किसे दिया था संदेश?
दिल्ली-हरियाणा यात्रियों को राहत, सोनीपत से कश्मीरी गेट तक दौड़ेंगी ई-बसें
यरुशलम हत्याकांड: फ्लैट में मिला भारतीय मजदूर का शव, जांच में जुटी पुलिस
NEET मुद्दे पर सियासत तेज, प्रियंका चतुर्वेदी ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
दूसरों की किस्मत बताने वाली अन्ना खुद नहीं जान पाईं अपना भविष्य, पावर बैंक ब्लास्ट में झुलसीं
विपक्ष के विरोध से नहीं चली कार्यवाही, दोनों सदनों में मचा घमासान
खर्च की रफ्तार पर CAG की चिंता, 93 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड अधूरा