कमजोर तैयारी ने बिगाड़ा आंदोलन, हर कोई अपनी मर्जी से चला
नई दिल्ली: राजधानी के जंतर-मंतर से शुरू हुआ संसद मार्च देखते ही देखते बेकाबू भीड़ के रूप में तब्दील हो गया। ठोस दिशा-निर्देशों और केंद्रीय नेतृत्व के अभाव में प्रदर्शनकारी पूरी तरह दिशाहीन नज़र आए। जिसे जहाँ से भी रास्ता साफ मिला, वे उसी ओर बढ़ते चले गए, जबकि एक विशाल जनसैलाब सीधे संसद मार्ग की दिशा में आगे बढ़ता रहा।
बैरिकेड्स तोड़ संसद की दहलीज तक पहुँची भीड़
उग्र रूप ले चुकी भीड़ सुरक्षा घेरों को तोड़ते हुए एक-के-बाद-एक बैरिकेड्स लांघकर संसद भवन के बेहद करीब जा पहुँची। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और मुस्तैद पुलिस बल के बीच तीखी झड़पें हुईं। माहौल बिगड़ते ही इलाके में पथराव शुरू हो गया, जिसके जवाब में पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। विशेषज्ञों का मानना है कि संगठन के स्तर पर योजना की भारी कमी के कारण यह पूरा प्रदर्शन अनियंत्रित होकर अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया।
डिजिटल नेटवर्क ठप होने से धाराशायी हुआ आंदोलन
सोशल मीडिया के ज़रिए गोलबंद हुई 'कॉकरोच जनता पार्टी' की नींव उस वक्त पूरी तरह डगमगा गई जब एहतियातन इंटरनेट सेवाओं को ठप कर दिया गया। बिना नेटवर्क के आयोजक न तो प्रदर्शनकारियों से कोई तालमेल बिठा सके और न ही उन तक अपना कोई बुनियादी संदेश पहुँचा पाए। नतीजतन, संचार का माध्यम बंद होते ही आयोजकों की सारी रणनीतियों की हवा निकल गई।
समूहों से बिछड़कर दिनभर भटकते रहे प्रदर्शनकारी
जंतर-मंतर पर दूर-दराज़ से आए कई लोग अपने साथियों और राज्य स्तरीय समूहों से अलग होकर अकेले पड़ गए। नेटवर्क गायब होने के कारण न तो व्हाट्सएप ग्रुप्स पर कोई अपडेट मिल पा रहा था और न ही सोशल मीडिया से आगे की जानकारी मिल रही थी। पूर्व-निर्धारित योजना से अनजान प्रदर्शनकारी दिनभर इस उधेड़बुन में रहे कि आखिर उनका नेतृत्व मौजूद कहाँ है। देर शाम इंटरनेट सेवा बहाल होने के बाद ही लोग अपने परिचितों से संपर्क साध सके।
दमोह से जबलपुर मायके पहुंची महिला की फांसी से मौत, जांच शुरू
CJP मार्च के घायलों से अस्पताल पहुंचे राहुल गांधी, सरकार पर साधा निशाना
जल संकट से बेहाल पाकिस्तान, कनाडा से मांगी आपात सहायता
पैसों के लालच में रची गई खौफनाक साजिश, महिला की हत्या का पुलिस ने किया पर्दाफाश
मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को मंजूरी, विधानसभा से बिल पारित
रोहित के खिलाफ चल रही चर्चाओं पर अश्विन का पलटवार, बताया क्यों जरूरी है कप्तान का साथ
गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, 28 IAS अफसरों के विभाग बदले; कई जिलों में नए अधिकारी तैनात
गुरमखेड़ी स्टेशन पर 7 दिन बंद रहेगा 8 ट्रेनों का ठहराव, रेलवे ने जारी की सूचना