टोरंट पॉवर के खिलाफ जनता का आक्रोश: दर वृद्धि और मनमानी पर राजनेताओं के अलग-अलग सुर, दीवा में १७ अक्टूबर को बड़ा मोर्चा!
कलवा, मुंब्रा, दीवा। टोरंट पॉवर कंपनी द्वारा बिजली की दरों में कथित रूप से डेढ़ रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी किए जाने और मनमानी वसूली के खिलाफ कलवा, मुंब्रा और दीवा की आम जनता में जबरदस्त रोष है। इस मुद्दे पर युवा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष अमोल धनराज केन्द्रे ने क्षेत्र के सांसदों से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन उन्हें अलग-अलग प्रतिक्रियाएं मिली हैं।
श्री केन्द्रे ने सबसे पहले कल्याण लोकसभा के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे से संपर्क किया, जिन्होंने जनता को इस मनमानी के खिलाफ आंदोलन करने की सलाह दी है।
इसके बाद, भिवंडी के सांसद बाल्या मामा म्हात्रे से गुहार लगाने पर उन्होंने अगले महीने इस विषय पर आंदोलन करने का आश्वासन दिया है।

वहीं, ठाणे के सांसद नरेश मस्के ने इस समस्या के समाधान के लिए दीवा के अवैध निर्माण को बंद करने की शर्त रखी है।
जनता का सवाल: न्याय के लिए किसके पास जाएं?
राजनेताओं के अलग-अलग रुख के बाद आम जनता के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि टोरंट पॉवर की मनमानी धोखाधड़ी और डेढ़ रुपये प्रति यूनिट की बढ़ी हुई दर के खिलाफ आखिर न्याय की गुहार किसके पास लगाई जाए। टोरंट पॉवर पर यह भी आरोप है कि बिल भरने में थोड़ी सी भी देरी होने पर तुरंत बिजली काट दी जाती है और कनेक्शन जोड़ने के लिए उपभोक्ताओं से २१० रुपये की अतिरिक्त फीस वसूली जाती है।
सामाजिक कार्यकर्ता की अपील और १७ अक्टूबर का मोर्चा
सामाजिक कार्यकर्ता अमोल धनराज केन्द्रे ने राजनेताओं से स्पष्ट आश्वासन न मिलने पर जनता से अपील की है कि "अपनी लड़ाई हमें खुद लड़नी होगी।"

इसी अपील के बाद, कलवा, मुंब्रा और दीवा की आम जनता ने एकजुट होकर १७ अक्टूबर को टोरंट पॉवर की मनमानी के खिलाफ सुबह दस बजे दीवा में एक विशाल मोर्चा आयोजित करने का फैसला किया है। अमोल केन्द्रे ने आम जनता से इस मोर्चे में हजारों की तादात में शामिल होकर अपनी शक्ति प्रदर्शित करने का आह्वान किया है, ताकि टोरंट पॉवर की मनमानी पर लगाम लगाई जा सके और आम जनता को हो रही परेशानी से जल्द राहत मिल सके। जनता को उम्मीद है कि इस आंदोलन के माध्यम से उन्हें टोरंट पॉवर के अत्याचारों से हमेशा के लिए छुटकारा मिलेगा।
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