बिहार चुनाव : जदयू को बड़ा झटका, मोकामा प्रत्याशी अनंत सिंह गिरफ्तार क्यों किए गए?
पटना. बाहुबली पूर्व विधायक (Former legislator) अनंत सिंह (Anant Singh) को आखिर गिरफ्तार (arrested) कर लिया गया है। सत्तारूढ़ जनता दल यूनाईटेड (JDU) के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि अनंत सिंह मोकामा (Mokama) विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन समर्थित जदयू प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। अनंत सिंह की विधायकी पिछली बार एक मामले में सजा मिलने पर गई थी। विधायकी जाने के बाद अनंत सिंह ने अपनी पत्नी नीलम देवी को चुनाव में उतारा था। वह उप चुनाव में विधायक बनी थीं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पटना हाईकोर्ट से बरी होने के बाद अनंत सिंह इस बार मैदान में थे, लेकिन गुरुवार को दुलारचंद यादव की हत्या मामले में नामजद प्राथमिकी के बाद भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्राथमिकी में नाम, मौके पर मौजूदगी, चुनाव आयोग का दबाव
मोकामा टाल में राष्ट्रीय जनता दल के कई दशकों से मजबूत चेहरा रहे दुलारचंद यादव पिछले दिनों प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पियूष प्रियदर्शी के साथ आए गए थे। दुलारचंद यादव गुरुवार को प्रियदर्शी के प्रचार काफिले में थे, तभी जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह के काफिले से उनका सामना हो गया। दोनों काफिले में शामिल लोगों के बीच तनातनी और फिर पथराव की घटना हुई। इसी दरम्यान आरोप है कि अनंत सिंह और उनके समर्थकों ने पहले दुलारचंद यादव को पैर में गोली मारी और फिर गाड़ी से कुचल दिया।
इस मामले में दुलारचंद यादव के पोते की ओर से दर्ज प्राथमिकी में अनंत सिंह भी नामजद हैं। अनंत सिंह के समर्थकों की ओर से भी एक प्राथमिकी दर्ज कर दूसरे पक्ष पर पथराव-मारपीट का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा एक प्राथमिकी पुलिस ने चुनाव के मद्देनजर दर्ज की थी। प्राथमिकी में नाम और मौके पर मौजूदगी को देखते हुए चुनाव आयोग के निर्देश पर बिहार पुलिस ने गुरवार-शुक्रवार मध्य रात्रि बाढ़ के कारगिल मार्केट से अनंत संह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा भी पुलिस टीम के साथ मौजूद थे।
हत्या के बाद से लगातार मोकामा में तनाव था, हंगामा बढ़ेगा
गुरुवार को दोपहर दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद से ही मोकामा में भारी तनाव है। शुक्रवार को दुलारचंद यादव के शव की अंतिम यात्रा के दौरान भी दोनों पक्षों में पथराव की घटना हुई थी। अनंत सिंह की गिरफ्तारी की मांग लगातार बढ़ रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वही बात सामने आई, जो प्राथमिकी में कही गई थी। यानी, गोली मारने और कुचल कर हत्या किए जाने की। इस बीच, शनिवार शाम अनंत सिंह ने 48 घंटे बाद फिर चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। प्रचार शुरू करने के कुछ ही घंटे बाद अनंत सिंह को भारी तनाव के बीच गिरफ्तार करने के लिए पटना से पुलिस पहुंची थी। गिरफ्तारी के बाद अब इलाके में और ज्यादा तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
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