शहीद गुरप्रीत सिंह को नम आंखों से अंतिम विदाई, गांव ‘महिलां’ में शोक की लहर
पंजाब। सुनाम की वीर प्रसूता मिट्टी ने आज अपने एक और शूरवीर को अश्रुपूर्ण विदाई दी। शहीद गुरप्रीत सिंह का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है, लेकिन गांव 'महिलां' की उन गलियों में आज सन्नाटा है, जहां कभी इस जांबाज के कदमों की आहट सुनाई देती थी। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपट उनके पैतृक निवास पहुंचा, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। वीर जवान की देह को देखते ही परिजनों का धैर्य टूट गया। पत्नी, मासूम बच्चे, बूढ़ी मां और भाई का रो-रोकर बुरा हाल था। हर आंख नम थी। कुछ ही दिन पहले श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व पर गुरप्रीत छुट्टी लेकर घर आए थे। किसे पता था कि अपनों के साथ बिताए वे पल आखिरी होंगे। बूढ़ी मां जल कौर की पथराई आंखें दरवाजे की ओर टकटकी लगाए हैं, मानो बेटे का इंतजार कर रही हों। गुरप्रीत सिंह महज़ एक फौजी नहीं, बल्कि कर्तव्यपरायणता और सेवा की जीती-जागती मिसाल थे। उन्होंने अपनी आधी से ज्यादा उम्र देश की सेवा को समर्पित कर दी। गांव वाले बताते हैं कि वे सिर्फ सरहद पर ही नहीं, बल्कि गांव में भी समाज सेवा और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। मणिपुर की पहाड़ियों में जब देश-विरोधी तत्वों ने उन्हें चुनौती दी, तो यह जांबाज पीछे नहीं हटा और आखिरी सांस तक दुश्मन का मुकाबला करते हुए भारत मां की गोद में सो गया।
शहादत की इस खबर ने एक हंसते-खेलते परिवार की नींव हिला दी है। वह पिता, जो हर बार 'जल्द वापस आने' का वादा करके ड्यूटी पर जाता था, इस बार खामोशी की चादर ओढ़कर लौटा है। शहीद का 10 साल का बेटा और 7 साल की बेटी है। इन मासूमों को शायद अभी शहादत का पूरा अर्थ भी नहीं पता, लेकिन उनकी आंखों की नमी बता रही है कि उन्होंने अपना सबसे बड़ा सहारा खो दिया है। पिता के साथ बिताई पिछली छुट्टियों की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि अब उन्हें ताउम्र 'शहीद के बच्चे' होने का गौरवपूर्ण लेकिन अत्यंत भारी बोझ ढोना होगा।
TVK का चुनावी दांव: 200 यूनिट मुफ्त बिजली, हेल्थ कवर और नई यूनिवर्सिटी का वादा
पश्चिम एशिया में जंग क्यों जटिल? US के 12,300 हमलों के बाद भी ईरान तैयार
कहासुनी के बाद पति का खौफनाक कदम, बेटियों ने बचाई मां की जान
चुनावी मैदान में भाजपा का ऐलान: लव जिहाद और लैंड जिहाद पर लगेगी रोक
भोपाल में इमका कनेक्शन मीट में चंदन रॉय बने ‘एलुमनी ऑफ द ईयर’
JEE परीक्षा में नकल का अनोखा तरीका, चप्पल में छिपाया मोबाइल
FCRA विवाद पर सियासत तेज: सतीशन का भाजपा पर बड़ा आरोप
Artemis II की ऐतिहासिक उड़ान: चंद्र मिशन में नई कामयाबी
चुनाव आयोग का सख्त निर्देश: मतदान से एक दिन पहले बिना अनुमति नहीं छपेंगे राजनीतिक विज्ञापन
India सरकार का दावा, ईरान से आने वाला कोई जहाज चीन की ओर नहीं मुड़ा