शिंदे गुट को बड़ा झटका, उल्हासनगर की नगरसेविका पूजा भोईर अयोग्य घोषित
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, इसी बीच ठाणे जिले के उल्हासनगर से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के लिए एक बेहद बुरी खबर सामने आई है। यहां की उल्हासनगर महानगरपालिका में पार्टी को उस वक्त एक बड़ा नुकसान उठाना पड़ा, जब अनुसूचित जनजाति महिला आरक्षित सीट से चुनी गईं नगरसेविका पूजा सचिन भोईर की सदस्यता को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया। यह पूरी कार्रवाई उनके जाति प्रमाणपत्र की जांच के बाद सामने आई रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसने स्थानीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
प्रमाणपत्र जांच समिति की रिपोर्ट के बाद गिरी गाज
इस पूरे मामले की शुरुआत पूजा भोईर के चुनाव जीतने के बाद हुई थी, जब नियमानुसार उनके जाति प्रमाणपत्र को बारीकी से जांचने के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र जांच समिति (कोंकण विभाग, ठाणे) के पास भेजा गया था। समिति ने गहन जांच-पड़ताल करने के बाद बीती 24 जून को अपना अंतिम फैसला सुनाया, जिसमें पूजा भोईर के दस्तावेज को पूरी तरह अवैध करार दिया गया। इस फैसले के तुरंत बाद हरकत में आते हुए महानगरपालिका आयुक्त ने अगले ही दिन यानी 25 जून को एक आधिकारिक आदेश जारी किया, जिसके तहत महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम के कड़े प्रावधानों को लागू करते हुए पूजा भोईर को नगरसेविका के पद के लिए पूरी तरह अयोग्य ठहरा दिया गया।
राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और बदला समीकरण
अगर इस वार्ड के चुनावी इतिहास पर नजर डालें, तो पूजा भोईर ने उल्हासनगर के प्रभाग क्रमांक 1(ब) से बेहद दिलचस्प मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार को शिकस्त देकर जीत हासिल की थी। इस बार उन्होंने मुख्यमंत्री के गुट वाली शिवसेना के टिकट पर मैदान मारा था, लेकिन दस्तावेज सही न पाए जाने के कारण उनकी यह जीत अब कानूनी अड़चनों की भेंट चढ़ गई है।
15 दिनों के भीतर दूसरा बड़ा नुकसान
उल्हासनगर नगर निगम में शिवसेना शिंदे गुट के लिए मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं, बल्कि पिछले दो हफ्तों के भीतर पार्टी को लगा यह दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले भी पार्टी के एक कद्दावर पार्षद विक्की लबाना को अपनी सदस्यता गंवानी पड़ी थी। महज 15 दिनों के भीतर बैक-टू-बैक दो पार्षदों की कुर्सी छिन जाने से उल्हासनगर के भीतर सियासी समीकरण पूरी तरह से गड़बड़ा गए हैं। इस फैसले के बाद से ही क्षेत्र का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है, जहां एक तरफ विपक्षी खेमा इस मुद्दे को लेकर हमलावर है, वहीं दूसरी तरफ अचानक पैदा हुए इस संकट से पूजा भोईर के समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी निराशा देखी जा रही है।
राशिफल 22 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
किसान अब उन्नत तकनीक की ओर अग्रसर, पैडी ट्रांसप्लांटर विधि से धान रोपाई
मध्यप्रदेश पुलिस का नशे के विरुद्ध सख्त प्रहार
डॉ. विद्यासागर दुबे 'महा एक्यूपंक्चर रत्न पुरस्कार 2026' से सम्मानित !
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी गारंटी : खाद्य मंत्री राजपूत
अपनी मेहनत और समर्पण से बड़वानी बन रहा देश में कृषि, उद्यमिता एवं नवाचार का उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
निर्वाचन तैयारियां एवं स्वीप गतिविधियां तेज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस कम्पनी के पदाधिकारी
निर्माणाधीन सुरंग हादसे से मचा हड़कंप, 10 मजदूरों की गई जान
कांग्रेस के प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, राहुल-अखिलेश समेत कई नेता हिरासत में