सीवान में चंद्रशेखर-गांधी प्रतिमा से छेड़छाड़, लोगों में भारी आक्रोश
सीवान। बिहार के सीवान जिले में हाल के दिनों में दो अलग-अलग शर्मनाक घटनाओं ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं ने न केवल सामाजिक मूल्यों और नैतिकता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि क्षेत्र में तनाव और आक्रोश भी बढ़ा दिया है। पहली घटना चंद्रशेखर प्रसाद की प्रतिमा तोड़ने से जुड़ी है, जबकि दूसरी महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ अभद्र व्यवहार की है।
चंद्रशेखर प्रसाद की प्रतिमा तोड़ी गई
मंगलवार देर रात सीवान के गोपालगंज मोड़ स्थित गोलंबर (चंद्रशेखर चौक) पर असामाजिक तत्वों ने जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय चंद्रशेखर प्रसाद उर्फ चंदू की आदमकद प्रतिमा को तोड़ दिया। यह घटना दूसरी बार हुई है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और सामाजिक तनाव फैलाने की कोशिश साफ नजर आई। चंद्रशेखर प्रसाद केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा थे, जिन्होंने 1997 में सीवान में शहादत दी थी और दबे-कुचले वर्गों को अधिकारों के लिए संघर्ष करना सिखाया था। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना उनके विचारों पर हमला माना जा रहा है।
पुलिस मौके पर पहुंची, जांच शुरू
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसपी पुरन कुमार झा और एसडीपीओ अजय कुमार सिंह देर रात मौके पर पहुंचे। इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की गई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के आदेश दिए गए। एसपी ने कहा कि यह साजिश ज्यादा दिन तक छिप नहीं पाएगी और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ भी अभद्रता
इस घटना से एक दिन पहले सीवान के गांधी मैदान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ शर्मनाक हरकत की गई। कुछ अज्ञात लोगों ने प्रतिमा पर गुटखा थूक दिया, जिसे लोगों ने राष्ट्रपिता का घोर अपमान बताया। इस घटना से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया है।
सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की आशंका
ये दोनों घटनाएं मिलकर यह संकेत देती हैं कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर समाज में अशांति और विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। चंद्रशेखर प्रसाद की प्रतिमा तोड़ना उनके क्रांतिकारी विचारों पर हमला माना जा रहा है, जबकि गांधी जी की प्रतिमा का अपमान राष्ट्रीय एकता और अहिंसा के प्रतीक पर चोट है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
हालांकि ऐसे कृत्य महान व्यक्तित्वों की विरासत को कमजोर नहीं कर सकते। चंद्रशेखर प्रसाद और महात्मा गांधी के विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। साथ ही समाज से एकजुट होकर शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
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