दिव्या तिवारी ने नहीं खोली जुबान, लोकायुक्त के निशाने पर पत्नी
भोपाल: परिवहन विभाग के धनाढ्य पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त ने शिकंजा कस दिया है। अब लोकायुक्त ने उनकी पत्नी दिव्या तिवारी को आरोपी बनाया है। सौरभ, राजदार चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल पहले से ही आरोपी हैं। दिव्या चौथी आरोपी हैं। दिव्या 4 कंपनियों अविरल इंटरप्राइजेज, शुभ्रा एनर्जी, स्काईलॉक सिस्टम और निर्माणाधीन जयपुरिया स्कूल की डायरेक्टर हैं। 22 दिसंबर 2017 को गठित लोकायुक्त ने दिव्या से पूछा कि इन कंपनियों को शुरू करने के लिए पैसा कहां से आया? इन कंपनियों में पैसा कहां से आया? लोकायुक्त ने यह भी पूछा कि उनके नाम पर करोड़ों की संपत्ति और जेवरात मिले हैं। ये कहां से आए? उन्होंने इन संपत्तियों और जेवरातों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। अब सौरभ की मां उमा शर्मा और शरद जायसवाल की मां कृष्णा जायसवाल लोकायुक्त के रडार पर हैं। कृष्णा भी अविरल इंटरप्राइजेज में डायरेक्टर हैं।
भोपाल में प्राइम लोकेशन पर दिव्या के नाम कई प्रॉपर्टी
सौरभ शाहपुरा में 20 हजार वर्ग फीट का स्कूल बनवा रहे थे। वे जयपुरिया ग्रुप से इसकी फ्रेंचाइजी लेने की योजना बना रहे थे। उन्होंने अपनी पत्नी दिव्या को स्कूल का डायरेक्टर बनाया। इसके अलावा सौरभ ने राजधानी के बावड़िया कलां में प्राइम लोकेशन पर अपनी पत्नी के नाम पर 30 हजार वर्ग फीट जमीन खरीदी। इसकी बाजार कीमत 9 करोड़ रुपए है। सौरभ ने रजिस्ट्री अपनी पत्नी के नाम पर कराई, लेकिन उसमें दिव्या शर्मा की जगह दिव्या तिवारी लिखा है। पति के नाम की जगह पिता सलिल तिवारी का नाम लिखा है।
सरनेम का खेल ताकि किसी को शक न हो
सौरभ की पत्नी दिव्या दस्तावेजों में सरनेम में शर्मा की जगह तिवारी लिखती हैं। वे पति के नाम की जगह पिता का नाम लिखती रहीं। बताया जा रहा है कि सरनेम बदलने के पीछे वजह यह थी कि दस्तावेजों से सौरभ की प्रॉपर्टी का पता न चले।
बहन को गिफ्ट कर दी
एजेंसियों की मानें तो दिव्या ने जमीन अपनी बहन रेखा तिवारी को गिफ्ट कर दी। 10 जुलाई 2023 को रेखा को भोपाल के मुगलिया कोट में 1.0120 हेक्टेयर जमीन में से 0.506 हेक्टेयर जमीन गिफ्ट कर दी गई।
यह है मामला
19 दिसंबर 2024 को लोकायुक्त ने अरेरा कॉलोनी में सौरभ शर्मा के घर पर छापा मारा। 7.98 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई। फिर उसी रात आयकर विभाग ने मेंडोरी में चेतन की कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद जब्त किए। इस मामले में सौरभ, चेतन और शरद जायसवाल को गिरफ्तार किया गया। लोकायुक्त और ईडी ने तीनों से पूछताछ की, लेकिन उन्होंने हर बार इस संपत्ति के मालिकाना हक से इनकार किया।
सौरभ की मां भी रडार पर
सौरभ की मां उमा शर्मा से भी लोकायुक्त कई बार पूछताछ कर चुका है। उमा ने खुद को पेंशनर बताया है। एजेंसियों को मिले दस्तावेजों में मिली संपत्तियों को उन्होंने पुश्तैनी बताया है। उमा ने कहा है कि ये संपत्तियां उनके पति ने नौकरी के दौरान बनाई थीं। लोकायुक्त पुलिस अब इसकी जांच कर रही है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि अगर वह दस्तावेजों में मिली संपत्तियों के बारे में सही जवाब नहीं देते हैं तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा। बता दें कि इस मामले में 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा रही है।
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