रैलियों-वादों का चुनाव...मतदाता किसके साथ
-उम्मीदवारों के साथ दिग्गजों की साख दांव पर
-बिहार विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण के प्रचार का शोर थमा, 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान 1302 उम्मीदवार, नेपाल बॉर्डर 11 नवंबर तक सील,
-पीएम मोदी, अमित शाह और नीतीश कुमार ने मुख्य रूप से विकास, सुरक्षा और परिवारवाद पर की बड़ी रैलियां
-तेजस्वी, राहुल, प्रियंका ने बेरोजगारी, सामाजिक न्याय और वोट चोरी पर रैलियां-रोड शो कर बढ़ाया जनसमर्थन
पटना/नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज की 122 सीटों पर रविवार शाम 5 बजते ही चुनाव प्रचार खत्म हुआ। इन सीटों पर वोटिंग 11 नंवबर को होनी है। 14 नवंबर को रिजल्ट आएगा। धूल और उम्मीदों से भरा बिहार का चुनावी माहौल इस बार केवल नारों से नहीं, बल्कि रैलियों की संख्या और नेताओं की मेहनत से गूंजता रहा। एक तरफ, एनडीए के अनुभवी नेता अपनी रैलियों की संख्या को विकास का प्रमाण बताते रहे। वहीं, महागठबंधन ने कम समय में दोहरी गति से जनसभाएं कर एनडीए को चुनौती दी है। ये आंकड़े बताते हैं कि इस बार सत्ता की लड़ाई सिर्फ मंच पर नहीं, बल्कि सीधे जनता तक पहुंचने की रफ्तार से तय होगी। एनडीए की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नीतीश कुमार ने मुख्य रूप से विकास, सुरक्षा और परिवारवाद पर बड़ी रैलियां की। वहीं महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ने बेरोजगारी, सामाजिक न्याय और वोट चोरी पर रैलियां-रोड शो कर जनसमर्थन बढ़ाया है। अब देखना है कि 11 नवंबर को मतदाता किसको वोट देते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कुल 1165 पुरुष उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। इनके साथ 136 महिला उम्मीदवार भी मैदान में हैं, जबकि एक थर्ड जेंडर उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले में अपनी किस्मत आजमा रहा है। 122 सीटों पर होने वाले इस चरण के मतदान में सभी उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला 11 नवंबर को वोटिंग के जरिए होगा। दूसरे चरण के मतदान से पहले भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ाई गई है। बॉर्डर को 11 नवंबर की रात तक सील की गई। इस दौरान सीमा पर लोगों के आने-जाने पर रोक है। प्रचार के अंतिम दिन रविवार को कई नेताओं ने सभाएं की। अमित शाह, राहुल गांधी और योगी आदित्यनाथ समेत नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव सहित दिग्गज नेताओं ने कई जिलों में रैलियां को संबोधित किया।
एनडीए ने 120, महागठबंधन ने की 150 सभाएं
एनडीए प्रत्याशियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित प्रमुख नेताओं ने लगभग 120 बड़ी रैलियां और रोड शो किए हैं। ये रैलियां मुख्य रूप से उन 60 सीटों पर हुईं, जहां पिछली बार मुकाबला कड़ा था। मुख्य विषय रहे, विकास, सुरक्षा और परिवारवाद पर हमला। वहीं तेजस्वी प्रसाद यादव और उनके सहयोगियों ने 150 से अधिक रैलियां की हैं। तेजस्वी ने एक दिन में 15-18 सभाओं का रिकॉर्ड भी बनाया। उनकी रैलियां खासकर बेरोजग़ारी और पलायन वाले क्षेत्रों में हुईं, और मुख्य संदेश रहा 10 लाख सरकारी नौकरियाँ, महंगाई और सामाजिक न्याय।यह साफ दिखाता है कि एनडीए अपनी स्थापित ताकत पर भरोसा कर रहा है, जबकि महागठबंधन सीधे जनता तक पहुंचने की रणनीति पर जोर दे रहा है।
3.70 करोड़ मतदाता डालेंगे वोट
इस चरण में कुल 1302 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 1165 पुरुष, 136 महिला और 1 थर्ड जेंडर के उम्मीदवार शामिल हैं। इन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कुल 3,70,13,556 मतदाता करेंगे। मतदाताओं में 1,95,44,041 पुरुष, 1,74,68,572 महिला एवं 943 थर्ड जेंडर के मतदाता शामिल हैं। इस चरण में हरेक बूथ पर औसतन 815 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। खास बात यह है कि इस चरण के सभी 122 विधानसभा क्षेत्रों में दो लाख से अधिक मतदाता हैं। मतदाताओं की संख्या के अनुसार, सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र मखदुमपुर है, जहां 2,47,574 मतदाता वोट डालेंगे, जबकि सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र हिसुआ है, जहां सर्वाधिक 3,67,667 मतदाता मतदान करेंगे। दूसरे चरण में प्रत्याशियों की संख्या को लेकर कुछ सीटों पर विशेष प्रतिस्पर्धा दिख रही है। सर्वाधिक 22-22 उम्मीदवारों वाले तीन विधानसभा क्षेत्र हैं- कैमूर में चैनपुर, रोहतास का सासाराम और गया जी का गया शहर। वहीं, सबसे कम उम्मीदवार (5-5) वाले छह विधानसभा क्षेत्र भी हैं। इन छह क्षेत्रों में पश्चिमी चंपारण का लौरिया और चनपटिया; पूर्वी चंपारण के रक्सौल और सुगौली; सुपौल का त्रिवेणीगंज; एवं पूर्णिया का बनमनखी विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
45 हजार 399 मतदान केंद्र बनाए गए
चुनाव आयोग ने दूसरे चरण के लिए 45 हजार 399 मतदान केंद्र बनाए हैं, जिनमें से 4109 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है। सुरक्षा कारणों से इन संवेदनशील बूथों पर वोटिंग का समय घटाया गया है। इनमें 19 विधानसभा सीटों के 4003 बूथों पर शाम 4 बजे तक और बोधगया के 106 बूथों पर शाम 5 बजे तक मतदान होगा। बाकी 41 हजार 290 बूथों पर वोटिंग का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। संवेदनशील घोषित किए गए 4109 बूथों में कटोरिया के 121, बेलहर के 140, चैनपुर के 430, चेनारी के 62, गोह के 25, नवीनगर के 26, कुटुंबा के 169, औरंगाबाद के 57, रफीगंज के 125, गुरुआ के 12, शेरघाटी के 48, इमामगंज के 354, बाराचट्टी के 36, रजौली के 399, गोविंदपुर के 404, सिकंदरा के 376, जमुई के 396, झाझा के 413 और चकाई के 410 बूथ शामिल हैं।
बहनों को प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों से जोड़ना और मेहनत की सही कीमत देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने
बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी
चाकसू में NH-52 पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी कार, एमपी के 5 श्रद्धालुओं की मौत
नरेंद्र मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले– उनका साहस हर भारतीय को करता है प्रेरित
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
पहाड़ से जंगल तक पक्के घर: छिंदवाड़ा प्रधानमंत्री की गुड लिस्ट में टॉप
बाबा महाकाल के दर्शन होंगे आसान, भोपाल-उज्जैन के बीच चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और शेड्यूल
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह