फतेहपुर: शिकायतकर्ता समर्थकों ने अधिकारियों को किया सामना, लहराए हथियार
फतेहपुर जिले के असोथर थाना क्षेत्र में जांच करने पहुंची अधिकारियों की टीम के सामने ही खूनी संघर्ष हो गया. जिले के असोथर थाना क्षेत्र के सरकंडी गांव में अधिकारियों की टीम भ्रष्टाचार की जांच कर ही रही थी कि तभी प्रधान और उसके समर्थकों आ पहुंचे | इस दौरान प्रधान पक्ष और शिकायतकर्ता के बीच विवाद हो गया. इस विवाद में दोनों पक्षों से कई लोग घायल हुए हैं. फिलहाल शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से जांच पूरी करने की मांग की |
दरअसल, यह पूरा मामला सरकंडी गांव से सामने आया है. आरोप है कि एक दबंग प्रधान सरकंडी गांव दर्जनों असलहों के साथ पहुंचे. ग्राम प्रधान ने शिकायतकर्ता के साथ मारपीट की | सरकंडी गांव में हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करवाया. बताया यह भी गया कि सरकंडी प्रधान पति अपने समर्थकों के साथ मौके से भाग निकला |
शिकायतकर्ता ने प्रधान पर लगाया भ्रष्टाचार आरोप
वहीं, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया, "20 सालों से प्रधानी संतोष द्विवेदी के पास है. 20 वर्षों में लगभग 50 करोड़ का गबन किया हैं. पिछले पांच सालों में 5 करोड़ से अधिक का गबन हैं जिसकी शिकायत की थी." शिकायतकर्ता ने कहा, "आज PD मनरेगा, लेखाधिकारी और PWD के अधिकारी सहित जांच टीम सड़क, नाली और खारंजा के नाम पर भ्रष्टाचार की जांच के लिए पहुंचे थे | हालांकि, मारपीट में घायल चार लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सक इलाज में जुट गए है |
मामले में पुलिस ने क्या कहा?
वहीं इस घटना के संबंध में असोथर थाना प्रभारी ने जानकारी देते हुए कहा कि, असोथर थाना क्षेत्र के सरकंडी गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट का सामने आया है, इस मारपीट चार लोग घायल हुए हैं. थाना प्रभारी ने आगे कहा है कि मामले में जांच पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी| पुलिस अधिकारी की तरफ से यह भी कहा गया कि जांच करने गए अधिकारियों ने फोर्स को बिना सूचना दिए जांच करने पहुंच गए |
एमपी में 1 अप्रैल से वेतन बढ़ोतरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर जारी हुआ आदेश
ईरान का अमेरिकी कंपनियों पर निशाना: प्रेशर पॉलिटिक्स या बदले की रणनीति?
जिंदा महिला को कागजों में मृत बताया, पौने दो बीघा जमीन हड़पने का आरोप; कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए
वैश्विक संकट के बीच राहत, भारत के पास 40 दिनों का ईंधन भंडार सुरक्षित
हाईकोर्ट ने दी जानकारी: 60 में से 47 लाख आपत्तियों का निपटारा, 7 अप्रैल तक सभी मामलों पर फैसला संभव
वन विभाग में बड़ा फेरबदल, चार IFS अधिकारियों के तबादले
शराब दुकान के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन, महू-नीमच हाईवे जाम