SC का बड़ा फैसला: गोधरा दोषियों को नहीं मिलेगी राहत, बरकरार रहेगी सजा
सुप्रीम कोर्ट ने गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन जलाने के दोषियों की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें दो जजों की पीठ ने उनकी अपील पर सुनवाई करने पर आपत्ति जताई थी।
याचिका में कहा गया कि दो जजों की पीठ उनकी अपील पर सुनवाई नहीं कर सकती क्योंकि यह मामला मौत की सजा से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं के वकील संजय हेगड़े ने जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ के समक्ष लाल किला आतंकी हमले में मोहम्मद आरिफ उर्फ अशरफ को मौत की सजा देने के मामले का उल्लेख किया।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई में कहा गया था कि तीन जजों की पीठ ही मौत की सजा से जुड़े मामलों की सुनवाई कर सकती है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर कहा कि तीन जजों की पीठ उन्हीं मामलों पर सुनवाई कर सकती है, जिनमें हाई कोर्ट ने मौत की पुष्टि कर दी हो।जस्टिस माहेश्वरी ने कहा कि गुजरात हाई कोर्ट ने इस मामले में 11 दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। इस मामले में सिर्फ ट्रायल कोर्ट ने ही मौत की सजा सुनाई है। ऐसे में इस मामले में दो जजों की पीठ सुनवाई कर सकती है।
59 हिंदू कारसेवकों की हुई थी हत्या
ध्यान रहे कि 27 फरवरी, 2002 को गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच में उग्र भीड़ ने आग लगाकर 59 हिंदू कारसेवकों की हत्या कर दी थी। इसके बाद राज्य में दंगे भड़क गए थे।
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