AI के भरोसे निवेश सही या जोखिम भरा? जानिए पूरी सच्चाई
नई दिल्ली। दुनिया बदल गई है। मशीनी दिमाग यानी AI का जमाना है, जो पलक झपकते ही दुनिया भर के आंकड़े खंगाल देता है। लोग अब अपनी जीवन भर की जमापूंजी यानी म्यूचुअल फंड निवेश के लिए भी इन्हीं मशीनों से सलाह ले रहे हैं। देखने में लुभावना लगता है, एक ऐसा सहायक जो 24 घंटे हाजिर है, जिसे बाजार के हर उतार-चढ़ाव की खबर है और जो मुफ्त में सलाह दे रहा है।
सवाल है क्या यह मशीनी दिमाग आपके सपनों और आपकी जरूरतों को समझ सकता है? सीधा जवाब है, बिल्कुल नहीं!
मशीन क्यों नहीं बन सकती आपकी मार्गदर्शक? एक ऐसा आहार विशेषज्ञ जो सेहत, बीमारियों या आपकी पसंद-नापसंद के बारे में पूछे बिना ही एक जैसा पर्चा थमा दे। क्या वह आपकी सेहत सुधार पाएगा? निवेश भी बिल्कुल वैसा ही है। हर इन्सान की जरूरत, उम्र और पारिवारिक जिम्मेदारी अलग होती है। मशीनी सलाहकारों के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वे 'एक ही लाठी से सबको हांकते' हैं। क्यों ये मशीनी औजार एक तजुर्बेकार सलाहकार की जगह कभी नहीं ले सकते?
व्यक्तिगत जानकारी का अभाव
मशीन पुराने आंकड़ों और रुझानों का विश्लेषण करती है। मशीन यह नहीं जानती कि आपके पास निवेश के लिए कितना समय है या कितना घाटा सह सकते हैं। एक अच्छा सलाहकार आपसे बात करता है, आपके भविष्य के लक्ष्यों को समझता है और फिर आपके लिए एक विशेष योजना तैयार करता है।
संवेदना और समझ की कमी
जब बाजार गिरता है और पोर्टफोलियो लाल निशान में होता है, तो अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। उस वक्त एक मशीनी चैटबॉट आपको वह ढांढस नहीं बंधा सकता जो एक इन्सान दे सकता है। बाजार की गिरावट में जब आप घबराकर अपना निवेश बेचने की सोचेंगे, तब एक सलाहकार ही आपको सही और गलत का फर्क समझा कर अनुशासन में रख पाएगा।
पुराने आंकड़ों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा
मशीनी दिमाग पूरी तरह से इतिहास पर निर्भर है। बाजार में कल क्या होगा, यह हमेशा बीते हुए कल जैसा नहीं होता। अचानक आए वैश्विक बदलाव, युद्ध या नई सरकारी नीतियां मशीनों के गणित को फेल कर सकती हैं। एक अनुभवी इन्सान इन बदलावों को भांप सकता है और तुरंत अपनी रणनीति बदल सकता है।
मशीनी पक्षपात का खतरा
आर्टिफिशियल मशीन वैसी ही सलाह देगी जैसा उसे सिखाया गया है। अगर उसे सिखाने वाले आंकड़ों में कोई कमी रह गई, तो उसकी सलाह भी पक्षपाती हो सकती है। वह किसी खास तरह की स्कीम की तरफ झुकी हो सकती है, जो शायद आपके लिए सही न हो।
सलाहकार का सही चुनाव जरूरी
यह जरूरी नहीं है कि हर इन्सान सही सलाह दे। बाजार में ऐसे भी लोग हैं, जो सिर्फ अपना कमीशन बनाने के लिए गलत फंड बेच देते हैं। इसलिए, यह बहुत जरूरी है कि आप केवल सेबी पंजीकृत निवेश सलाहकारों के पास ही जाएं। ये वे लोग हैं जो सरकार के कड़े नियमों और पारदर्शिता के दायरे में रहकर काम करते हैं। इनका उद्देश्य उत्पाद बेचना नहीं, बल्कि आपके लक्ष्यों को पूरा करना होता है।
AI को बनाएं अपना 'को-पायलट'
- मशीनी दिमाग यानी AI आपके ज्ञान को बढ़ाने, जानकारी जुटाने और तुलना करने के लिए एक बेहतरीन औजार हो सकता है।
- इसे एक 'को-पायलट' की तरह इस्तेमाल कीजिए, लेकिन अपनी गाड़ी की स्टीयरिंग इसके हाथ में मत दीजिए।
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