पाकिस्तान में न जनता सुरक्षित न मुर्दे
इस्लामाबाद। आतंक की आग में झुलस रहे पाकिस्तान में अब अस्पताल में रखे शव भी सुरक्षित नहीं हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी के विद्रोही पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक के दौरान अपने मारे गए साथियों के शव अस्पताल पर हमला कर ले भागे।
ट्रेन हाईजैक के बाद सेना द्वारा की कई कार्रवाई में कई बलूच विद्रोही मारे गए थे, जिनके शव बलूचिस्तान की प्रांतीय राजधानी क्वेटा के सिविल अस्पताल में रखे गए थे। कल बड़ी संख्या में बलूच विद्रोही अस्पताल पर हमला कर अपने साथियों के शव ले भागे। इस दौरान उनका विरोध करने वाला कोई मौजूद नहीं था। सेना के जो जवान अस्पताल की सुरक्षा में लगाए गए थे, वे भी बड़ी तादाद में पहुंचे बलूच विद्रोहियों से डरकर दुबक गए। उधर, अस्पताल में लापता व्यक्तियों के परिजनों का भी तांता लगा हुआ है और वे लोग शवों की पहचान करने की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं। इस घटना में कुछ यात्रियों की भी मौत हुई थी, लेकिन सेना द्वारा केवल विद्रोहियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है।
सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग, चिप पैकेजिंग के लिए मेगा प्लान तैयार
छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, अग्निवीरों को आरक्षण; किसानों के लिए नई व्यवस्था लागू
बिलासपुर रेंज में अपराधियों पर कड़ी निगरानी, हर हिस्ट्रीशीटर के लिए तैनात होगा एक जवान
महंगा हुआ कच्चा तेल, अब आम आदमी की जेब पर बढ़ सकता है बोझ
सिंहस्थ में तीसरी आंख का पहरा, हर गतिविधि होगी कैमरों में रिकॉर्ड
अखिलेश यादव का संसद में बड़ा बयान, बोले- 'सरकार के साथ कोई डील तो नहीं हो गई?'
अदाणी पावर ने मारी बड़ी छलांग, पहली तिमाही के नतीजों ने किया निवेशकों को खुश
जिम्बाब्वे दौरा टीम इंडिया के लिए क्यों है खास? श्रेयस अय्यर की कप्तानी से नए चेहरों तक सब पर नजर
JPSC विवाद पर रांची में उबाल, BJYM कार्यकर्ताओं ने तोड़ी बैरिकेडिंग
15 साल पूरे होने पर 'सिंघम' को याद करना पड़ा भारी, अजय देवगन ट्रोलर्स के निशाने पर