कन्फर्म टिकट के बाद भी नहीं लगा कोच, रेलवे पर जुर्माना
भोपाल। रेलवे की लापरवाही का बड़ा और हैरान कर देने वाला मामला इन दिनों सुर्खियों में है. इस केस में यात्रियों की टिकट तो कन्फर्म थी और सीट नंबर भी अलॉट हो गया था, लेकिन ट्रेन में वह कोच ही नहीं लगया गया जिसमें लोगों ने अपनी टिकट बुक कराई थी. ये मामला करीब डेढ़ साल पुराना है लेकिन अब इस केस में रेलवे ने मुआवजे का ऐलान किया है।
जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल 30 नवंबर 2024 को नागपुर से भोपाल तक चार वरिष्ठ यात्रियों को जनरल डिब्बे में टॉयलेट के पास बैठकर सफर करना पड़ा. शिकायत पर रेलवे स्टाफ ने जिम्मेदारी लेने के बजाय कहा कि जाना है तो जनरल में बैठो. मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा तो रेलवे ने दावा किया कि कोच लगाया गया था, लेकिन वह ठोस सबूत पेश नहीं कर सका।
यात्रियों के पक्ष में फैसला
इसके बाद भोपाल उपभोक्ता आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए यात्री के पक्ष में फैसला सुनाया. मामले में फरियादी मंगलेश कुमार जोशी ने बताया कि उन्होंने पत्नी और परिजनों के साथ अमृतसर एक्सप्रेस (22125) में DL-1 कोच की चार सीटें 30 नवंबर 2024 को बुक कराई थीं, लेकिन जब यात्री नागपुर स्टेशन पर पहुंचे तो उन्हें बुक कराया हुआ कोच ट्रेन में नहीं मिला।
यात्रियों को मिलेगा मुआवजा
कोच पोजिशन डिस्प्ले पर DL-1 दिख रहा था, लेकिन उसकी जगह अन्य कोच था, यात्री मंगलेश के अनुसार पूरे सफर में टीटीई या स्टाफ से कोई मदद नहीं मिली. आयोग ने सुनवाई के दौरा आयोग ने पाया कि रेलवे के जो संदेश में केवल सीट नंबर था, कोच नंबर स्पष्ट नहीं था. रेलवे ऐसा कोई ठोस प्रमाण भी पेश नहीं कर सका.जिससे साबित हो सके कि उस दिन DL-1 कोच ट्रेन में लगाया गया था. इसलिए आयोग ने यात्री के पक्ष में फैसला देते हुए मुआवजा देने का आदेश दिया।
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