शरद पवार ने पीएम मोदी को सराहा, कहा भारत का वैश्विक सम्मान बढ़ा
पुणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक प्रयासों की सराहना करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही वैचारिक और राजनीतिक रूप से हमारी सोच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भिन्न हो, लेकिन इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि वह बतौर प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की साख और सम्मान को मजबूत करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। पुणे में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ राजनेता ने कहा कि जब बात राष्ट्रहित की हो, तो सभी को अपने मतभेद भुलाकर एक सुर में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए।
नेहरू, इंदिरा और मनमोहन सिंह के नेतृत्व को किया याद
अपने संबोधन के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह जैसे महान नेताओं ने हमेशा देश के भविष्य और उसकी वैश्विक प्रतिष्ठा को सर्वोपरि रखा। पवार ने कहा कि जब भी देश के स्वाभिमान की बात आती है, तो राजनीति को बीच में नहीं लाना चाहिए। आज प्रधानमंत्री मोदी भी विदेशी धरती पर भारत के गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने का वही दायित्व निभा रहे हैं।
इंदिरा गांधी की दृढ़ता का सुनाया ऐतिहासिक किस्सा
शरद पवार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा सोवियत संघ (रूस) की यात्रा का एक बेहद दिलचस्प और प्रेरक संस्मरण भी साझा किया। पूर्व राजनयिक आई.के. गुजराल के हवाले से उन्होंने बताया कि जब इंदिरा गांधी को लगा कि विदेशी अधिकारियों द्वारा भारत के प्रधानमंत्री को उचित प्रोटोकॉल या सम्मान नहीं दिया जा रहा है, तो उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाया था। इंदिरा गांधी ने स्पष्ट शब्दों में सोवियत अधिकारियों से कहा था कि वह देश के 40 करोड़ नागरिकों का प्रतिनिधित्व करती हैं और भारतीयों के आत्मसम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता या उपेक्षा उन्हें कतई स्वीकार नहीं है।
18 साल की उम्र के शुरुआती राजनीतिक सफर और पंडित नेहरू से मुलाकात का जिक्र
'लक्ष्मणराव गुट्टे रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन' के मंच से बोलते हुए ८५ वर्षीय नेता भावुक भी हुए। उन्होंने वर्ष 1958 के अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे वह बारामती से पढ़ाई के लिए पुणे आए और युवा आंदोलन से जुड़कर महाराष्ट्र व राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। उन्होंने दिल्ली के तीन मूर्ति हाउस में पंडित जवाहरलाल नेहरू से हुई अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि वे युवाओं और किसानों के कई सवाल लेकर गए थे, लेकिन नेहरू जी के प्रभावशाली व्यक्तित्व को देखकर वे सब कुछ भूल गए।
पुराने सहयोगियों से राष्ट्र निर्माण में सामूहिक योगदान की अपील
कार्यक्रम में कई ऐसे पुराने नेता और पदाधिकारी मौजूद थे जो कभी युवा कांग्रेस का हिस्सा थे और आज अलग-अलग राजनीतिक दलों में सक्रिय हैं। शरद पवार ने अलग-अलग विचारधाराओं में जाने के बावजूद सामाजिक प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए सभी की सराहना की। उन्होंने अपने पुराने साथियों से अपील की कि दल भले ही बदल गए हों, लेकिन जब भी समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए मिलकर काम करने का अवसर मिले, तो सभी को एक साझा उद्देश्य के साथ देश की तरक्की में अपना योगदान देना चाहिए।
राशिफल 21 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
लाल आतंक से विकास की ओर बढ़ता दारेली
सीएचसी पलारी के लैब में जांच सुचारू रूप से संचालित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की भेंट
ग्रामीण विकास में रोजगार सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका, राज्य सरकार इनके हित की चिंता करेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जहाँ राशन और जरूरतों के लिए भी तय करना पड़ता है 40 किलोमीटर का सफर… वहाँ पहुँची उपचार की दस्तक
विधानसभा को ‘पेपरलेस’ करने के कार्यों में आएगी तेजी
कौशल प्रशिक्षण से बढ़ रहा बेटियों का आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रहे कदम
जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कतियाररास समाधान शिविर में हितग्राहियों को मिले आयुष्मान कार्ड