शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत ने ‘वर्षा’ बंगले को लेकर उठाए सवाल
संजय राउत:शिवसेना-यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र हमेशा से अंधश्रद्धा के खिलाफ रहा है और हम एक प्रोग्रेसिव स्टेट रहे हैं, लेकिन अचानक राजनीति में अंधविश्वास आ गया है. जब से एकनाथ शिंदे सीएम बने, उसके बाद हमने कई कहानियां सुनीं, कामाख्या मंदिर में जाना, उसको काटना, इसको काटना, लेकिन 'वर्षा' बंगले की तो बात ही अलग है. देवेंद्र फडणवीस जब सीएम बन गए तो उनका औपचारिक निवास स्थान वर्षा है. उसमें रहना लोगों का सपना होता है और उन्हें वहां जाने से डर लग रहा है. संजय राउत ने कहा, "केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस बात की जांच करनी चाहिए कि मुख्यमंत्री वर्षा में जाने से क्यों डरते हैं? एक फिल्म आई थी दो गज जमीन के नीचे. दो फीट जमीन के अंदर क्या है, जांच करना चाहिए? राम गोपाल वर्मा को वहां जाकर फिल्म बनानी चाहिए. हम भी सुनते हैं, क्या कर सकते हैं
बजट को लेकर BJP पर साधा निशाना
वहीं वक्फ बिल और जेपीसी मीटिंग को लेकर उन्होंने कहा कि क्या हटाया है और क्या रखा है, थोड़ी देर में पता चल जाएगा. इसके अलावा बजट को लेकर संजय राउत ने कहा कि 12 लाख रुपये का फायदा लेने के लिए उतनी इनकम भी तो होनी चाहिए. कांग्रेस लंबे समय से सरकार में रही है, मैं ऐसे नेताओं के नाम दे सकता हूं, जिन्होंने बेहतरीन बजट दिए. आप ढोल मत बजाएं, कल कुंभ जाएं और दिन भर नहाएं. टीवी पर भी दिखना है.
दिल्ली चुनाव पर क्या बोले संजय राउत
इसके साथ ही दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी को लगता है कि वह 5 तारीख को कुंभ में डुबकी लगाएंगे और दिल्ली की जनता उस आधार पर वोट देगी. अगर लोग इसी आधार पर वोट देंगे तो देश का लोकतंत्र खतरे में है. मुझे लगता है कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने 10 साल अच्छा काम किया है तो उस आधार पर आप को वोट मिलना चाहिए और सत्ता में आना चाहिए. सुरेश गोपी के हिंदी को लेकर दिए बयान पर संजय राउत ने कहा कि मैंने उनका बयान सुना, हम सब चाहते हैं अल्पसंख्यक समुदाय आगे बढ़े, उच्च जाति पर बात नहीं करूंगा, जाति के आधार पर किसी को मंत्रालय देना सही नहीं, कोई भी विकास कर सकता है.
शिवसेना ने किया पलटवार
संजय राउत के बयान पर शिवसेना शिंदे गुट के नेता कृष्णा हेगड़े ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा. "संजय राउत उस राज्य के लिए ऐसी बात कर रहें है, जहां अंधश्रद्धा को लेकर कानून भी है. ऐसे पढ़ें लिखे राज्य में इस तरह की बेतुकी बात सही नहीं है. संजय बड़े नेता हैं वो इस तरह की बातें करके अपना महत्व और खत्म कर रहे है. कहीं ना कहीं अब उन्हें रुकने की जरूरत है.
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