गर्भवती नवविवाहिता की मौत पर शॉकिंग दावा, परिवार में उठे सवाल
मुजफ्फरपुर: जिले के बोचहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मझौली गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतका की पहचान उन्नीस वर्षीय निशा कुमारी के रूप में हुई है, जिसकी शादी कुछ समय पूर्व ही संतोष कुमार के साथ संपन्न हुई थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और गहन जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है, जबकि इस दुखद घटना के बाद से ही मृतका के मायके में शोक की लहर व्याप्त है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दहेज की वेदी पर चढ़ी एक और मासूम जान
निशा की मां ने ससुराल पक्ष पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को निरंतर मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी जा रही थीं। परिजनों का दावा है कि ससुराल के लोग दहेज के रूप में एक मोटरसाइकिल की मांग पर अड़े हुए थे और मांग पूरी न होने के कारण अक्सर घर में विवाद की स्थिति बनी रहती थी। मृतका के मायके वालों का कहना है कि उन्होंने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कुछ समय की मोहलत मांगी थी, परंतु ससुराल पक्ष ने उनकी एक न सुनी और प्रताड़ना का दौर जारी रखा।
गर्भवती होने के बावजूद बेरहमी और प्रताड़ना
इस पूरे मामले में सबसे हृदयविदारक पहलू यह है कि मृतका दो महीने की गर्भवती थी, लेकिन इसके बावजूद उसके प्रति किसी भी प्रकार की सहानुभूति नहीं दिखाई गई। मृतका की मां ने सीधे तौर पर दामाद और देवर पर मारपीट और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उनका मानना है कि यह आत्महत्या का मामला नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है, जिसे अब आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी बेटी को प्रताड़ित करने वाले दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिसिया तफ्तीश पर टिकी निगाहें
बोचहा थाना प्रभारी ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर विस्तृत छानबीन कर रही है। हालांकि शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तविकता का पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की ओर से औपचारिक लिखित शिकायत मिलते ही संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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