दाखिल-खारिज मामलों में सुस्ती, कांटी में ज़मीन मालिकों की बढ़ी चिंता
मुजफ्फरपुर के कांटी अंचल में 25 सौ से अधिक दाखिल खारिज के वाद को लंबित रखने पर राजस्व अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। कांटी सीओ ने 24 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा है। अन्यथा कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
इसी रिपोर्ट को डीएम समेत अन्य पदाधिकारियों को भी भेज दी गई है। बताया गया कि कांटी सीओ ने समीक्षा के दौरान पाया कि राजस्व कर्मचारी के स्तर पर 417 और राजस्व अधिकारी सह अंचलाधिकारी के स्तर पर 17 सौ से अधिक आवेदन लंबित पड़े हुए हैं।
उन्होंने कई बार इसके निष्पादन को लेकर निर्देशित किया है। इसके बावजूद भी निष्पादन में रुचि नहीं ली गई। इसी आधार पर उन्होंने स्पष्टीकरण देने को कहा है।
बता दें की जमीन सर्वे की जबसे घोषणा हुई है तब से जमीन मालिक की परेशानी बढ़ गई है। खासकर दाखिल-खारिज में आए दिन दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
क्या होती है दाखिल खारिज की प्रक्रिया?
दाखिल खारिज एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत किसी संपत्ति के स्वामित्व को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया होती है। यह प्रक्रिया तब की जाती है जब किसी संपत्ति का स्वामित्व एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित किया जाता है, जैसे कि बिक्री या उपहार के माध्यम से। यह एक सरकारी प्रक्रिया है जो भूमि या संपत्ति के रिकॉर्ड में नए जमीन मालिक के नाम को दर्ज करने के लिए की जाती है।
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