बिना नदियों के भी समृद्ध जीवन जी रहे हैं ये 8 देश
लंदन । नदियाँ जीवन का आधार मानी जाती हैं, लेकिन दुनिया में कुछ देश हैं जहाँ एक भी नदी नहीं बहती, फिर भी वे अपनी तकनीकी प्रगति और कुशल जल प्रबंधन के दम पर खुशहाल और समृद्ध जीवन जी रहे हैं। ये देश दर्शाते हैं कि प्राकृतिक संसाधनों की कमी को आधुनिक तकनीकों और बेहतरीन योजना से कैसे दूर किया जा सकता है।
सऊदी अरब: यह रेगिस्तानी देश दुनिया के सबसे शुष्क क्षेत्रों में से एक है. यहाँ नदियाँ नहीं हैं, लेकिन समुद्री जल को विलवणीकरण के ज़रिए पीने योग्य बनाया जाता है। इसके अलावा, भूजल और रिसाइकिल किए गए पानी का भी उपयोग होता है।
कतर: बेहद गर्म और शुष्क जलवायु वाला यह देश अपनी पानी की आपूर्ति के लिए मुख्य रूप से विलवणीकरण संयंत्रों पर निर्भर करता है। कतर सरकार ने पानी बचाने के लिए सख्त कानून बनाए हैं और पानी की बर्बादी पर जुर्माना भी लगाया जाता है।
संयुक्त अरब अमीरात: दुबई और अबू धाबी जैसे आधुनिक शहरों वाला यह देश भी बिना किसी नदी के जीवन जी रहा है। यहाँ रिसाइकिल और ट्रीटेड पानी का उपयोग खेती और उद्योगों में किया जाता है।
कुवैत: कुवैत में बारिश बेहद कम होती है और कोई स्थायी नदी नहीं है। यह देश अपनी जल जरूरतों को पूरा करने के लिए समुद्री जल को मीठा बनाकर उपयोग करता है।
वेटिकन सिटी: दुनिया का सबसे छोटा देश वेटिकन सिटी भी नदीविहीन है। यहाँ की जल आपूर्ति पड़ोसी देश इटली से पाइपलाइनों के ज़रिए की जाती है।
ओमान: ओमान में कोई स्थायी नदी नहीं है, हालांकि बरसात के मौसम में कुछ अस्थायी जलधाराएं बहती हैं। ओमान भी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए विलवणीकरण, भूजल और जल संरक्षण तकनीकों का उपयोग करता है।
बहरीन: एक द्वीपीय देश होने के कारण बहरीन में नदियां नहीं हैं। पानी की आपूर्ति के लिए यह देश विलवणीकरण और सीमित भूजल स्रोतों पर निर्भर करता है।
मालदीव: यह प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बारिश के पानी और विलवणीकरण पर आधारित है। यहाँ की मिट्टी छिद्रपूर्ण होने के कारण कोई स्थायी नदी नहीं बन पाती।
ये सभी देश इस बात का प्रमाण हैं कि जल संसाधनों के अभाव के बावजूद, तकनीकी प्रगति और दूरदर्शी प्रबंधन से विकास और समृद्धि हासिल की जा सकती है।
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