विनोद कांबली का टेस्ट औसत, तेंदुलकर और कोहली से बेहतर
नई दिल्ली । सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली को भारत के महानतम टेस्ट बल्लेबाजों में गिना जाता है, लेकिन एक ऐसा नाम भी है जिसका टेस्ट औसत इन दोनों दिग्गजों से भी ज्यादा है वह हैं विनोद कांबली। दिलचस्प बात यह है कि कांबली न सिर्फ तेंदुलकर के हमउम्र और बचपन के दोस्त हैं, बल्कि टेस्ट औसत के मामले में उनसे आगे भी हैं।
बाएं हाथ के इस प्रतिभाशाली बल्लेबाज ने भारत के लिए 17 टेस्ट मैच खेले और 1084 रन बनाए। आंकड़ों के लिहाज से देखा जाए तो 1000 से ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में कांबली का औसत सबसे ज्यादा है 54.2। जो कि सचिन तेंदुलकर (53.78), सुनील गावस्कर (51.12), विजय हजारे और विराट कोहली (46.85) जैसे महान खिलाड़ियों से भी बेहतर है। आंकड़ों की सूची में राहुल द्रविड़ तीसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 164 टेस्ट में 52.63 की औसत से रन बनाए। यशस्वी जायसवाल 50.2 के औसत के साथ पांचवें नंबर पर हैं। वहीं, विराट कोहली का औसत एक समय 55 के करीब था, लेकिन करियर के आखिरी दौर में फॉर्म गिरने से यह घटकर 46.85 पर आ गया।
भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ टेस्ट औसत (1000+ रन बनाने वाले खिलाड़यों की सूची)
1. विनोद कांबली – 54.2
2. सचिन तेंदुलकर – 53.78
3. राहुल द्रविड़ – 52.63
4. सुनील गावस्कर – 51.12
5. यशस्वी जायसवाल – 50.2
कांबली ने 90 के दशक की शुरुआत में सनसनी मचा दी थी। शुरुआती दौर में लगातार दो दोहरे शतक और कई बड़ी पारियों ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया। लेकिन निजी कारणों, स्वास्थ्य समस्याओं और विवादों में फंसने के चलते उनका करियर लंबा नहीं चल सका। मैदान के बाहर की गलत आदतों और अस्थिर जीवनशैली ने उन्हें क्रिकेट से समय से पहले दूर कर दिया।
आज भी कांबली भारतीय क्रिकेट इतिहास में उस ‘खोई हुई प्रतिभा’ का उदाहरण माने जाते हैं, जो आंकड़ों में तो अमर है, लेकिन निरंतरता और अनुशासन की कमी के कारण महान खिलाड़ियों की सूची में जगह नहीं बना सका। उनके 54.2 के औसत का रिकॉर्ड अब भी कायम है और यह बताता है कि सही दिशा और अनुशासन के साथ उनका करियर कहां तक जा सकता था।
एमपी के अशोकनगर में दुखद घटना, पूर्व MLA जजपाल जज्जी के भांजे ने की आत्महत्या
ISRO का निसार उपग्रह करेगा किसानों की बड़ी मदद… मिलेगी मिट्टी की नमी की सटीक जानकारी
CG News: 5वीं-8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा में छात्रों को नहीं किया जाएगा फेल, मुख्य परीक्षा में असफलता मिलने पर मिलेगा पूरक परीक्षा का मौका
रफ्तार का कहर: रायपुर में ट्रक की चपेट में आने से श्रमिक की मौत, उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों की पाठशाला है अघोर गुरु पीठ बनोरा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मजबूत समाज के निर्माण से ही समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय