गुरुग्राम में एक क्लास में 20 से ज्यादा बच्चे नहीं, नए नियमों से बढ़ेगा शिक्षा की गुणवत्ता
हरियाणा के गुरुग्राम में चल रहे प्ले स्कूलों के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन नियमों के तहत अब हर क्लास में अधिकतम 20 बच्चे ही बैठ सकते हैं. इसके अलावा एक शिक्षक और एक केयरटेकर की मौजूदगी अनिवार्य होगी. एनसीपीसीआर का मकसद इन नियमों से बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है.
गुरुग्राम के सभी प्ले स्कूलों को 20 मार्च तक अपना रजिस्ट्रेशन अपडेट कराना होगा. इसमें नए नियमों के तहत एडमिशन से जुड़ी सभी जानकारी देनी होगी. साथ ही नियमों के अनुपालन की जानकारी के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे. अगर कोई भी स्कूल निर्धारित समय सीमा तक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
नियम कड़े और अनिवार्य
सभी प्ले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिसर में अब सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे. सभी स्टाफ और कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, जिससे किसी भी अपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति की नियुक्ति न हो. इन नियमों के तहत स्कूलों को जमीन के मालिकाना हक का रिकॉर्ड, बिल्डिंग लेआउट प्लान, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, चार्टर्ड अकाउंटेंट रिपोर्ट और ट्रस्ट/समिति रजिस्ट्रेशन के कागज जमा कराने होंगे.
इन मामलों पर स्कूल के प्रिंसपल्स का कहना है कि वो भी इससे सहमत हैं कि क्लास में बच्चों की संख्या का काम होना जरूरी है. खास तौर पर प्ले स्कूल में. क्योंकि वो बहुत छोटे बच्चे होते हैं और उनकी देखभाल बड़ों के मुकाबले ज्यादा करनी होती है. साथ ही उन्हें कुछ भी सिखाने के लिए अधिक समय देना होता है.
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल