भोपाल के अशोका गार्डन का बदला नाम, हमीदिया का नाम बदलने पर कांग्रेस ने किया बवाल
भोपाल : नगर निगम भोपाल की परिषद बैठक में गुरुवार को दो नामों को बदलने के प्रस्ताव को बहुमत से पारित कर दिया गया है. भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र का नाम बदलकर रामबाग कर दिया गया है. वहीं हमीदिया का नाम बदलने का प्रस्ताव हंगामे के बाद पारित कर दिया गया है. इसी के साथ बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, नीलबड़, संजीव नगर, मालीखेड़ी और प्रेमपुरा घाट में 25 करोड़ रुपये से नए विसर्जन कुंड बनाने की परिषद से हरी झंडी मिल गई है.
अशोका गार्डन अब रामबाग
नगर निगम परिषद में गुरुवार को अशोका गार्डन का नाम बदलने का प्रस्ताव लाया गया था. जिसके बाद अब अशोका गार्डन का नया नाम रामबाग कर दिया गया है. इसके साथ अशोका गार्डन स्थित 80 फीट रोड पर विवेकानंद पार्क के पास स्थित चौराहे का नाम भी विवेकानंद चौक किया गया है. परिषद में यह प्रस्ताव वार्ड क्रमांक 69 से भाजपा पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने रखा था.
वहीं इनके अलावा पुराने शहर में स्थित एक पार्क का नाम पूर्व विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह, अशोका गार्डन 80 फीट रोड का नाम पूर्व सांसद स्वर्गीय रमेश शर्मा, टीटी नगर स्थित काली मंदिर के पास की सड़क का नाम योगाचार्य श्री कृष्ण मोहन गांगुली और बागमुगालिया बस स्टाप का नाम डॉ.भीमराव अंबेडकर के नाम पर करने का प्रस्ताव प्रस्ताव दिया है.
हमीदिया अस्पताल का नाम बदलने पर हंगामा
परिषद की बैठक में भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और सड़क का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा. इसका कांग्रेस पार्षदों ने विरोध किया, तो भाजपा के पार्षद हिंदुस्तान जिंदाबाद पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे. भाजपा पार्षदों ने नवाब हमीदुल्ला को कलंकित और गद्दार कहा. इस पर कांग्रेस पार्षदों ने आपत्ति ली और इस शब्द को विलोपित करने की मांग की. इस दौरान कांग्रेस पार्षद अजीजुद्दीन और भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव के बीच कहासुनी शुरु हो गई. दोनों एक दूसरे के सामने आ गए. देवेंद्र ने अजीजुद्दीन को कुछ अपशब्द कहा, जिसे सुनते ही अजीजुद्दीन ने भार्गव की कॉलर पकड़ ली. हालांकि, बाद में दोनों को अन्य पार्षदों ने अलग कराया. आखिरकार परिषद बैठक में हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और सड़क का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है.अब इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा.
निगम अध्यक्ष बोले, नवाब गद्दार था
परिषद में हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और सड़क का नाम बदलने का प्रस्ताव पास होते ही हंगामा शुरु हो गया था. नगर निगम अध्यक्ष ने इस दौरान कहा, '' भोपाल का नवाब गद्दार था, गद्दार है और गद्दार रहेगा.'' इस बीच दोनों पक्षों के बीच जमकर नोंकझोंक हुई. इस बीच 15 मिनट के लिए परिषद की बैठक स्थगित कर दी गई. बता दें कि नगर निगम अध्यक्ष बीते दो सालों से हमीदिया अस्पताल, सड़क और कॉलेज का नाम बदलने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि नवाब हमीदुल्लाह देशद्रोही हैं. उनके कारण ही भोपाल साल 1947 की बजाय 1949 में आजाद हुआ. ऐसे व्यक्ति के नाम पर शहर में स्कूल, अस्पताल और सड़कों के नाम नहीं होने चाहिए.
आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव की मांग
बैठक में निर्दलीय पार्षद विलासराव घाड़गे ने नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की. उनका आरोप था कि आयुक्त की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है. इसके बाद वो निंदा प्रस्ताव की मांग करते हुए आसंदी के सामने जमीन पर बैठ गए. हालांकि, आयुक्त का बचाव करते हुए एमआइसी मेंबर जगदीश यादव ने कहा कि नगर निगम आयुक्त की वजह से भोपाल इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में दूसरे नंबर पर आया है.
इस दौरान कांग्रेस पार्षदों ने भी निगम आयुक्त का पक्ष लिया. जिसके बाद नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने पार्षद विलासराव को समझाइश देकर अपनी कुर्सी पर बैठने को कहा.
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