लापता लेडीज की छाया कदम गंभीर विवाद में फंसी
मुंबई । बॉलीवुड फिल्म लापता लेडीज से लोकप्रियता हासिल करने वाली छाया कदम गंभीर विवाद में फंस गई हैं। मराठी सिनेमा की चर्चित अदाकारा पर संरक्षित वन्यजीवों का मांस खाने का दावा करने का आरोप है, जिसके चलते अब वन विभाग ने उनके खिलाफ औपचारिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामला तब सामने आया जब प्लांट एंड एनिमल वेलफेयर सोसाइटी ( पीएडब्ल्यूएस) नामक एक गैर-सरकारी संगठन ने ठाणे के मुख्य वन संरक्षक और प्रभागीय वन अधिकारी को एक शिकायत भेजी।
शिकायत में छाया कदम के एक पुराने रेडियो इंटरव्यू का हवाला दिया गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर स्वीकार किया था कि उन्होंने माउस डियर (एक प्रकार का हिरण), खरगोश, जंगली सूअर, मॉनिटर लिजार्ड और साही जैसे संरक्षित वन्यजीवों का मांस चखा है। संस्था का कहना है कि इस तरह के बयान न केवल वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देते हैं। ठाणे वन विभाग के अधिकारी राकेश भोईर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि छाया कदम से संपर्क किया गया है। एक्ट्रेस ने बताया कि वह फिलहाल शूटिंग के सिलसिले में शहर से बाहर हैं और चार दिनों में लौटने का आश्वासन दिया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि वह कानूनी सलाह लेने के बाद जांच में पूरा सहयोग करेंगी। वन विभाग ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया है।
यह टीम इस बात की पड़ताल करेगी कि कथित शिकार कहां और कैसे हुआ तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे। यदि छाया कदम पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के उल्लंघन का मामला भी बन सकता है। पीएडब्ल्यूएस संस्था ने जोर देकर कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति द्वारा इस तरह के बयान देना गैर-जिम्मेदाराना है।
‘कर्ज में डूबा निगम, फिर क्यों खोदी जा रहीं सड़कें?’ चौपाल में महिला का सवाल
कॉलेज में मटन-चिकन पार्टी के बाद मचा बवाल
Durg में बड़ा NPS घोटाला उजागर
‘बाइज्जत बरी होने का मतलब ये नहीं कि हत्या नहीं हुई’—बघेल
छात्रवृत्ति योजना को 1800 करोड़, लाडली लक्ष्मी 2.0 से 52.29 लाख बालिकाएं लाभान्वित
‘बिना तथ्य कुछ कहना गलत’, रोहित पवार पर मंगल प्रभात लोढ़ा का पलटवार
सीएम मोहन यादव का ऐलान: 2027 तक बढ़ेगी लाडली बहना योजना की राशि
‘बातों के बताशे, जनहित सफाचट’, कमलनाथ का बजट पर हमला
पहली बार नौकरी की तलाश में निकले युवाओं के लिए खुशखबरी
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाईकोर्ट का फैसला, ‘नाड़ा खींचना दुष्कर्म की कोशिश’