किन्नर अखाड़े में इसलिए होती है रात को पूजा
महाकुंभ में किन्नर अखाड़े की पूजा सबके आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, क्योंकि इनकी जीवनशैली सबसे अलग है किन्नर अखाड़े में किसी को दीक्षा दिलाई जाती है, तो उससे जुड़े पूजा-अनुष्ठान आधी रात को ही किए जाते हैं, क्योंकि इसके पीछे एक खास वजह है। दरअसल, तंत्र विधान के मुताबिक, महाकुंभ हो या कुंभ, हमेशा आधी रात को ही अघोरी पूजा होती है। इसमें डमरू की गूंज के साथ ही मंत्रोच्चारण किया जाता है। यह पूजा किन्नर अखाड़े की तांत्रिक परंपराओं का एक अहम हिस्सा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एक बड़े हवन कुंड के चारों ओर मानव खोपड़ियां, दीपों को रोशनी, तेज आवाज में गूंजते डमरू और मंत्रोच्चारण इस दृश्य को और भी रहस्यमय और आध्यात्मिक बनाती हैं। यह साधना तंत्र विद्या, आध्यात्मिक शक्ति और आस्था का अद्वितीय संगम है।
इसके अलावा ये भी माना जाता है कि महाकुंभ के दौरान सभी देवी-देवता धरती लोक पर आते हैं। ऐसे में इस दौरान इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। साथ ही रात्रि का समय तंत्र साधना के लिए भी सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है। यही कारण है कि किन्नर अखाड़े में आधी रात को ही पूजा होती है।
राशिफल 28 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार से सुखराम के चेहरे पर लौटी मुस्कान
महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत 2588 निर्माण कार्यों से ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार
उज्जैन के डायल-112 हीरोज
मध्य प्रदेश की राजनीति में AAP का बड़ा प्लान, 2028 में सभी सीटों पर चुनावी ताल ठोकने की तैयारी